बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र स्थित मानमंदिर घाट पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। दिल्ली यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र हर्षवर्धन राठौर अपने दोस्तों के साथ रील बनाने और सेल्फी लेने के दौरान संतुलन बिगड़ने से गंगा नदी में गिर गया। तेज बहाव में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस ने करीब सात घंटे के लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह हर्षवर्धन का शव बरामद किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
ग्रेटर नोएडा का रहने वाला हर्षवर्धन अपने पांच दोस्तों के साथ वाराणसी घूमने आया था। यह हादसा रात करीब 1:40 बजे हुआ, जब सभी दोस्त तड़के 3 बजे होने वाली श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर की मंगला आरती में शामिल होने की तैयारी में थे। पुलिस के अनुसार, हर्षवर्धन एक नाव से दूसरी नाव पर चढ़ने की कोशिश करते हुए मोबाइल से रील बना रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया। स्थानीय मल्लाहों और पुलिस ने रात में ही खोजबीन शुरू की, लेकिन अंधेरे के कारण सफलता सुबह हाथ लगी।
इस घटना ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाराणसी में रविवार से ही नावों का संचालन आधिकारिक रूप से बंद है, ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि ये युवक देर रात नावों तक कैसे पहुंचे और उन्हें रोकने वाला वहां कोई मौजूद क्यों नहीं था। यह हादसा प्रशासन की मुस्तैदी और रात के समय घाटों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी में बड़ी चूक को उजागर करता है।
हर्षवर्धन के पिता संदीप सिंह दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं और जानकारी मिलते ही वे वाराणसी पहुंच गए। गौरतलब है कि हर्षवर्धन के फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, वह वर्ष 2018 में बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का भांजा था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और थाना प्रभारी के अनुसार इस बात की गहन जांच की जा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद युवक नावों तक कैसे पहुंचे।