बनारस न्यूज डेस्क: धर्मनगरी वाराणसी के तुलसीघाट पर सोमवार दोपहर एक भीषण नाव हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार मोटरबोट और छोटी नाव के बीच हुई जोरदार टक्कर ने वहां मौजूद लोगों की सांसें रोक दीं। टक्कर इतनी भयानक थी कि नाव पलट गई और उस पर सवार पांच पर्यटक गहरे पानी में गिर गए। समय रहते स्थानीय नाविकों और बचाव दल की मुस्तैदी से सभी पर्यटक सुरक्षित बाहर निकाले गए, वरना यह घटना धार्मिक यात्रा को मातम में बदल सकती थी।
जानकारी के अनुसार, हैदराबाद और पुणे से आए पांच पर्यटक तुलसीघाट से रामनगर जाने के लिए नाव में सवार थे। जैसे ही नाव घाट से दूर निकली, एक तेज रफ्तार मोटरबोट ने उसे टक्कर मार दी। नाव असंतुलित होकर पलट गई और पर्यटक पानी में गिरकर तैरने और जान बचाने की कोशिश करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनकी चीखें सुनकर घाट पर अफरा-तफरी मच गई।
घाट पर मौजूद स्थानीय नाविकों ने तुरंत गंगा में छलांग लगाई और एनडीआरएफ व जल पुलिस को सूचित किया। राहत और बचाव अभियान तेज़ी से शुरू हुआ और सभी पांचों पर्यटक सुरक्षित बाहर निकाले गए। हालांकि नाव पूरी तरह गंगा में समा गई और टक्कर मारने वाला मोटरबोट चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पर्यटकों को बचाने की जद्दोजहद दिखाई दे रही है।
इस हादसे ने वाराणसी में नाव संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में पता चला कि नाव पर कोई भी पर्यटक लाइफ जैकेट नहीं पहन रहा था। स्थानीय लोग और प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि कई नाविक नियमों की अनदेखी कर पर्यटकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के नाव संचालन को लेकर अब प्रशासन कड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है।