बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वांचल और वाराणसी में मौसम धीरे-धीरे गर्मियों की ओर बढ़ रहा है, लेकिन वातावरण में बढ़ती नमी के कारण बादलों की गतिविधि बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों का सघन डेरा छाया हुआ है और नमी के प्रभाव से हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। यदि पछुआ हवाओं का जोर बढ़ता है तो बादल पूर्वांचल तक सक्रिय हो सकते हैं और बारिश के हल्के अवसर पैदा कर सकते हैं।
मौसम की स्थिति को सैटेलाइट तस्वीरों से देखा जा सकता है, जिसमें पश्चिम से पूर्वांचल की ओर बादलों का विस्तार साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों पर हुई हालिया बर्फबारी का असर भी पछुआ हवाओं के माध्यम से पूर्वांचल तक पहुंच सकता है। इसके कारण मौसम का यह रुख लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश और बादलों की सक्रियता अधिक देखी जाती है।
बुधवार की सुबह ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया, लेकिन दिन बढ़ने के साथ सूरज की धूप चटख होने लगी। सुबह 8 बजे से दिन के दौरान तापमान बढ़ा और लोगों ने गर्म कपड़ों की आवश्यकता कम महसूस की। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे सप्ताह में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालाँकि, पछुआ हवाओं के प्रभाव से कभी-कभी बादलों की गतिविधि हो सकती है।
पिछले चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 29.0°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7°C अधिक था। न्यूनतम तापमान 11.0°C रहा, जो सामान्य से 1.6°C कम है। आर्द्रता में कमी (न्यूनतम 41% और अधिकतम 62%) होने से बारिश की संभावना फिलहाल कम है। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन पश्चिमी बादलों का असर यदि बढ़ा तो पूर्वांचल में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।