बुडापेस्ट: हंगरी की राजधानी में आयोजित प्रतिष्ठित 'पोल्याक इमरे मेमोरियल सीनियर रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट 2026' में भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने विखंडनकारी कौशल का प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर तिरंगा लहराया है। बुधवार (15 जुलाई 2026) को हुए मुकाबलें में भारत के स्टार रेसलर और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी तगड़ी फॉर्म जारी रखते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर विधिक कब्जा जमाया। उन्होंने खिताबी भिड़ंत में जॉर्जिया के धाकड़ पहलवान रोबेर्टी डिंगाशविली को 'तकनीकी श्रेष्ठता' (Technical Superiority) के कड़े नियमों के आधार पर 13-3 से शिकस्त देकर सुरक्षा कवच की तरह भारतीय खेमे को पहला सोना दिलाया।
इस खेल लॉजिस्टिक्स और सांख्यिकी परिणामों पर गौर करें तो 22 वर्षीय अमन ने इस शानदार जीत से अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग सर्किट में अपने दबदबे के नए विलेख मुस्तैद किए हैं। अमन के अलावा, पुरुषों के 61 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के दीपक ने भी एक बेहद रोमांचक और रणनीतिक मुकाबले में अज़रबैजान के नुराद्दीन नोवरुज़ोव को कड़े संघर्ष में 9-8 से पराजित कर कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया। इस सांख्यिकी जीत ने टूर्नामेंट के पुराने विवादों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय दल के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रशासनिक नियमों के अनुसार, भारत की झोली में और पदक आने की पूरी उम्मीदें मुस्तैद हैं। 65 किलोग्राम वर्ग में कुमार मोहित और विशाल कालीरमन अपने-अपने प्ले-ऑफ मैचों में कजाकिस्तान के पहलवानों के खिलाफ मेडल जीतने की विखंडनकारी होड़ में बने हुए हैं। इसके साथ ही, आगामी दिनों में पुरुषों की भारी वजन श्रेणियों (79, 92, 97 और 125 किग्रा) के मुकाबले शुरू होंगे, जबकि 50 और 55 किग्रा में महिला पहलवान भी अपना दम दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल अब पूरी तरह से भारतीय पहलवानों की इस शानदार लय और आगामी सांख्यिकी पदकों के विधिक मापदंडों पर टिका है।