बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के भदोही में पुलिस ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। दोनों की उम्र 15 और 16 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उन्हें हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र और गोपीपुर गांव से पकड़ा। इससे पहले गिरोह के सरगना अंशुल मिश्रा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर दोनों नाबालिगों की गिरफ्तारी हुई।
यह मामला तब सामने आया जब बलीपुर निवासी अमन कुमार बिंद ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोन दिलाने के नाम पर गिरोह ने उनके और उनकी बहन के नाम से बैंक खाते खुलवाए और पासबुक, एटीएम कार्ड तथा मोबाइल सिम अपने पास रख लिए। जब उन्होंने अपने दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमकी दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह गांव के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम हासिल कर लेता था। इन खातों का इस्तेमाल निवेश, ट्रेडिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, क्रेडिट कार्ड और मालवेयर एपीके से जुड़ी साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार नाबालिगों के मोबाइल फोन से 200 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनसे जुड़े 500 से अधिक साइबर शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम एटीएम, पेट्रोल पंप के पीओएस मशीन, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य माध्यमों से निकालकर बांटी जाती थी। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।