अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए इराक के पवित्र शहर नजफ लाया गया था, जहाँ इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी समेत तमाम शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने उन्हें राजकीय श्रद्धांजलि दी थी। इस भावुक जुड़ाव के ठीक बाद, इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी का वाशिंगटन दौरा और व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी गर्मजोशी से भरी मुलाकात ने पूरी दुनिया के राजनयिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। इस बैठक के बाद वैश्विक गलियारों में यह बहस तेज हो गई है कि इराक संकट की इस घड़ी में ईरान का साथ निभा रहा है या अमेरिका के पाले में खड़ा हो रहा है।
व्हाइट हाउस में हुई इस ऐतिहासिक बैठक के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की खुलकर प्रशंसा की। ट्रंप ने दावा किया कि अल-जैदी एक बेहद मजबूत और कुशल नेता हैं, जिन्होंने बहुत ही कम समय में इराक की राजनीतिक और आर्थिक दिशा को सकारात्मक रूप से बदल दिया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इराक में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के पीछे अमेरिकी प्रशासन की अहम भूमिका रही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इराक के विशाल हाइड्रोकार्बन संसाधनों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश बहुत जल्द ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश और रणनीतिक समझौतों की घोषणा करने जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका और इराक के बीच आगामी तेल साझेदारियां इतिहास के सबसे बड़े व्यापारिक करारों में शामिल होंगी, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध नए आयाम छुएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच का युद्ध बेहद विनाशकारी रूप ले चुका है, जिसमें दोनों ओर से एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर लगातार घातक हवाई हमले किए जा रहे हैं।