अटलांटा: वैश्विक फुटबॉल विन्यास और खेल इतिहास के सबसे यादगार सेमीफाइनल मुकाबलों में से एक में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने अभूतपूर्व जुझारूपन दिखाते हुए इंग्लैंड को 2-1 से शिकस्त दे दी है। जॉर्जिया के अटलांटा स्टेडियम में बुधवार को खेले गए इस विखंडनकारी नॉकआउट मैच में लियोनेल मेसी की अगुवाई वाली अलबिसेलेस्ते (Argentina) ने एक गोल से पिछड़ने के बाद आखिरी मिनटों में बाजी पलट दी। इस कड़े सांख्यिकी परिणाम के साथ ही अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप (FIFA World Cup 2026) का खिताब जीतने के अपने सपने को जीवंत रखा है, जहां खिताबी मुकाबले में उनका सामना यूरोपीय चैंपियन स्पेन से न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा।
इस खेल लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक मुकाबले पर गौर करें तो इंग्लैंड की टीम साल 1966 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने के विधिक नियमों को मुस्तैद करने के बेहद करीब थी। मैच के 55वें मिनट में मॉर्गन रोजर्स के बेहतरीन पास पर एंथनी गॉर्डन ने शानदार गोल दागकर थ्री लायंस (England) को 1-0 की सांख्यिकी बढ़त दिला दी थी। इसके बाद इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने सुरक्षा कवच की तरह खेलते हुए एलेक्सिस मैक एलिस्टर और निको गोंजालेज के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया और 60 साल का सूखा खत्म होने की उम्मीदें जगाए रखीं।
हालांकि, कप्तान लियोनेल मेसी ने मैच के अंतिम 10 मिनटों में अपने जादुई खेल के नियमों से पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया। 85वें मिनट में मेसी के सटीक इनपुट पर एंजो फर्नांडीज ने बॉक्स के बाहर से 20 गज की दूरी से एक विखंडनकारी और सनसनीखेज मैदानी शॉट लगाकर अर्जेंटीना को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। पुराने विवादों को पीछे छोड़ते हुए, खेल जब स्टॉपेज टाइम (90+2वें मिनट) में पहुंचा, तब मेसी के एक और शानदार क्रॉस पर विकल्प के रूप में आए लोटारो मार्टिनेज ने इंग्लैंड के डिफेंस को छकाते हुए बुलेट हेडर के जरिए विजयी गोल दाग दिया। खेल अब पूरी तरह से रविवार को होने वाले अर्जेंटीना और स्पेन के इस ऐतिहासिक महामुकाबले के विखंडनकारी नियमों पर टिका है।