नयी दिल्ली: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से बाहर निकलने और फॉर्म में शानदार वापसी करने का श्रेय भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली के मार्गदर्शन को दिया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में सिंधु ने खुलासा किया कि लगातार चोटों, गिरते प्रदर्शन और खराब फॉर्म से जूझने के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान के साथ हुई एक व्यक्तिगत बातचीत ने उनके खेल के दृष्टिकोण में सकारात्मक विखंडनकारी बदलाव लाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिंधु ने उल्लेख किया कि उनके और उनके पति वेंकट साई दत्ता के साथ विराट कोहली की उस संक्षिप्त लेकिन अमूल्य चर्चा ने उनकी मानसिक दृढ़ता और खेल की खुशी को नया आधार प्रदान किया। इस रणनीतिक मार्गदर्शन के बल पर सिंधु ने पिछले सप्ताह जापान ओपन में महिला एकल का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस टूर्नामेंट के 43 साल के इतिहास में यह खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। यह जीत उनके लिए इसलिए भी ऐतिहासिक रही क्योंकि इसने बीडब्ल्यूएफ (BWF) दौरे पर चले आ रहे खिताबी सूखे को समाप्त किया और 2022 के बाद भारत से बाहर उनका पहला बड़ा बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 खिताब दर्ज हुआ।
सांख्यिकी विवरण और खेल लॉजिस्टिक्स के लिहाज से 31 वर्षीय यह भारतीय स्टार खिलाड़ी अब चीन के चांगझोउ में आयोजित हो रहे चाइना ओपन बीडब्ल्यूएफ सुपर 1000 टूर्नामेंट में भाग ले रही हैं, जहां वह अपनी इस नई लय और आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। खेल अब पूरी तरह से मैदान पर सिंधु के कड़े रणनीतिक क्रियान्वयन, सुरक्षा कवच जैसी डिफेंसिव तकनीकों के सांख्यिकी संतुलन और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतरता के कड़े प्रदर्शन पर टिका है।