वॉशिंगटन: होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक संवाद और सैन्य कार्रवाई को तेज करने के दोहरे विकल्पों पर गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं। वॉशिंगटन में रणनीतिक विन्यास के सांख्यिकी विवरण पर गौर करें तो मध्यस्थ देशों—कतर, मिस्र और पाकिस्तान—ने दोनों पक्षों के बीच जारी टकराव को टालने के लिए 10 दिनों के अस्थायी युद्धविराम का एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तरी और दक्षिणी नौवहन मार्गों को पुनः खोलने और दोनों पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने की योजना मुस्तैद की गई है।
अमेरिकी रक्षा और कूटनीतिक विलेखों के अनुसार, अमेरिकी सेना लगातार कई रातों से हवाई हमले कर रही है, इसके बावजूद तेहरान ने जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण छोड़ने के प्रति कड़ा रुख बरकरार रखा है। तीन अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ा बयान जारी करते हुए सैन्य मोर्चे को और सख्त करने का निर्देश दिया है। इस बीच क्षेत्र में यमन के हूती समूह द्वारा लाल सागर और सऊदी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनयिक नियमों के तहत, मध्यस्थ देश किसी भी बड़े सैन्य टकराव के पुराने विवादों को रोकने के लिए ओमान में हुई पुरानी वार्ताओं के मापदंडों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल और अमेरिकी सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर मुस्तैद हैं। खेल अब पूरी तरह से इस बात पर टिका है कि व्हाइट हाउस अगले कुछ दिनों में 10-दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करता है या फिर व्यापक सैन्य अभियानों के कड़े क्रियान्वयन को प्राथमिकता देता है।