विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने सुरक्षाबलों द्वारा छात्रों तथा सांसदों के साथ की गई कथित बदसलूकी के विरोध में बुधवार को संसद में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। राहुल गांधी की अगुवाई में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के अगले दिन विपक्षी दलों- कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसद काले परिधानों में संसद पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्रों के मुद्दे पर प्रियंका गांधी का हमला
काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके साथ क्या हुआ यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि छात्रों के साथ जो व्यवहार किया गया वह पूरी तरह गलत है।
प्रियंका गांधी द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु:
-
छात्रों की जायज मांगें: छात्रों का संघर्ष पूरी तरह से जायज है और वे अपने हक व भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
-
पेपर लीक का मुद्दा: देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है और वे बदलाव की मांग कर रहे हैं।
-
बजट और कर्ज माफी पर सवाल: "शिक्षा का कुल बजट ₹1.4 लाख करोड़ है, जबकि सरकार उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) के ₹16 लाख करोड़ के कर्ज माफ कर रही है।"
"शांतिपूर्ण प्रदर्शन अलोकतांत्रिक नहीं"
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना कहीं से भी अलोकतांत्रिक नहीं है। असली अलोकतांत्रिक आचरण तो वह है जो इस समय छात्रों के साथ सड़कों पर और संसद के भीतर विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ किया जा रहा है।