भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारत में निर्मित आधुनिक ब्रॉडगेज यात्री कोच की पहली खेप जल्द बांग्लादेश पहुंचने वाली है। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए 19 कोच दर्शना सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश को भारत से यात्री कोच की आपूर्ति दोबारा शुरू होगी।
यह खेप बांग्लादेश रेलवे की 200 आधुनिक ब्रॉडगेज यात्री कोच खरीदने की बड़ी परियोजना का हिस्सा है। शुरुआती खेप में तीन एसी स्लीपर, तीन एसी चेयर कार, 11 नॉन-एसी चेयर कार और दो पावर कार शामिल हैं। इन कोच के आने से विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश में रेल परिवहन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
परियोजना का उद्देश्य पुराने हो रहे यात्री कोच बेड़े को आधुनिक बनाना और रेल यात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है। पद्मा रेल पुल से जुड़ी सेवाओं को भी इन नए कोच से लाभ मिलने की संभावना है।
करीब 200 कोच की पूरी परियोजना को वर्ष 2022 में मंजूरी मिली थी। इसकी अनुमानित लागत करीब 1,704.66 करोड़ टका बताई गई है। परियोजना के वित्तपोषण में यूरोपीय निवेश बैंक की भूमिका भी है। कोचों की आपूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई थी। भारतीय कंपनी राइट्स लिमिटेड सफल बोलीदाता के रूप में सामने आई। बांग्लादेश रेलवे और राइट्स के बीच मई 2024 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।
समझौते के तहत केवल कोच की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि डिजाइन संबंधी सहायता, स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाना है। परियोजना में आपूर्ति और कमीशनिंग के लिए 36 महीने की अवधि निर्धारित है, जबकि इसके बाद 24 महीने की वारंटी व्यवस्था रखी गई है। रेलवे क्षेत्र में यह सहयोग दोनों देशों के बीच परिवहन संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ बांग्लादेश के सार्वजनिक परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।