तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के दौरान विमान बदलने की घटना को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया ने वाशिंगटन पर तीखा हमला बोला है। ईरानी प्रसारकों और आधिकारिक चैनलों ने इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिकी प्रशासन के लिए "शर्मिंदगी" और तेहरान की सैन्य क्षमता से पैदा हुए खौफ का प्रमाण बताया है। गौरतलब है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संभावित खतरे की जानकारी मिलने के बाद अंकारा में राष्ट्रपति ट्रंप को मुख्य विमान से एक छोटे सैन्य जेट C-32A में गुप्त रूप से स्थानांतरित किया गया था।
ईरानी राज्य टेलीविजन के प्रस्तुतकर्ताओं ने इस सुरक्षा युक्ति को ट्रंप सरकार का नया "स्कैंडल" करार देते हुए कहा कि यह घटना वाशिंगटन की घबराहट को दर्शाती है। तेहरान का तर्क है कि वाशिंगटन का यह असाधारण कदम ईरान के रक्षात्मक प्रभाव से उपजे डर का नतीजा है। सोशल मीडिया मंचों और विभिन्न राजनयिक चैनलों पर भी ईरान द्वारा इस मामले पर चुटकियां ली जा रही हैं। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास सहित कई माध्यमों से कटाक्ष भरे मीम और पोस्ट साझा किए गए, जिनमें अमेरिकी सैन्य दावों पर निशाना साधा गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया तंत्र को सूचना मिली थी कि संदिग्ध तत्व अंकारा में राष्ट्रपति के ठहरने के स्थान तक की जानकारी रखते थे, जिसके बाद मिसाइल खतरे की आशंका को देखते हुए कैटरिंग ट्रक की मदद से गोपनीय ढंग से विमान बदला गया। यद्यपि ईरान सरकार ने इस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, परंतु ईरानी प्रचार तंत्र इसे अमेरिका की लाचारगी के रूप में भुनाने में जुटा हुआ है।