लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 600 अंक तक मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी में भी लगभग 76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, टेक सेक्टर में खरीदारी बढ़ने की वजह से प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों को मजबूती मिली। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी ने भी बाजार के मूड को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई। जियो के आईपीओ को दिवाली तक लॉन्च किए जाने की खबरों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली। रिलायंस के शेयरों में यह उछाल बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
शुरुआती कारोबार में जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, उनमें अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे आगे रहा। कंपनी के शेयर में करीब 1.92 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर 1.60 फीसदी मजबूत हुए। बजाज फिनसर्व में 1.51 फीसदी, ट्रेंट में 1.48 फीसदी और HCL टेक्नोलॉजीज में 1.40 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
हालांकि, बाजार के सभी प्रमुख शेयरों में तेजी नहीं रही। भारती एयरटेल के शेयर में करीब 0.12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियन पेंट्स के शेयर में लगभग कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में चुनिंदा सेक्टर और शेयरों में ही खरीदारी का रुझान मजबूत रहा।
इससे पहले गुरुवार को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे। निफ्टी 50 करीब 41 अंक यानी 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 23,873 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 फीसदी टूटकर 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ।
गुरुवार के कारोबार में बाजार के आखिरी 20 मिनट काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। कैश मार्केट के क्लोजिंग सेशन के दौरान सेंसेक्स में करीब 2,100 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन बाजार में आई शुरुआती तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, टेक शेयरों में खरीदारी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रह सकती है।
निवेशकों के लिए जरूरी है कि बाजार की इस तेजी को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और बाजार के मौजूदा ट्रेंड का आकलन करें।