बनारस न्यूज डेस्क: सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सिगरा कैंप कार्यालय में हुई जनसुनवाई में जमीन कब्जाने से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। मंत्री ने कहा कि गरीबों, किसानों और सार्वजनिक संपत्तियों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। इस दौरान कुल 85 लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
जमीन कब्जाने की शिकायतों पर सख्ती
टिकरी गांव से आए फरियादी ने बताया कि ग्राम समाज की बंजर जमीन का इस्तेमाल इलाके के काश्तकार लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन एक व्यक्ति ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है। शिकायत पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जमीन खाली कराने के निर्देश दिए। वहीं, गोलाघाट निवासी प्रदीप पांडेय ने पानी की टंकी के पास सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर आरसीसी की दीवार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी शिकायत की कि गंगा किनारे मौजूद सार्वजनिक कुएं को पाटने की कोशिश की जा रही है। इस पर मंत्री ने आदमपुर थाना प्रभारी को तुरंत कब्जा रुकवाने और जमीन मुक्त कराने को कहा।
सेवापुरी के सुशांत पांडेय ने 2020 में बैनामा कराई गई जमीन को लेकर शिकायत की। उनका आरोप है कि विक्रेता के भाई ने फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन पर दावा किया है। सुशांत के मुताबिक कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आने के बावजूद मामला अभी एसडीएम कोर्ट में है। मंत्री ने मामले को जल्द निपटाने का भरोसा दिया। दूसरी ओर, गाजीपुर की सरिता मिश्रा ने पति के बेरोजगार होने के चलते परिवार के खर्च में आ रही दिक्कत बताई और मदद की गुहार लगाई।
इलाज से नौकरी तक, कई समस्याएं पहुंचीं
प्रयागराज के आशीष तिवारी ने अपने भाई के मुंह के कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी देते हुए बताया कि टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में इलाज की तारीख तीन महीने बाद मिली है। मंत्री ने अधिकारियों से बात कर जल्द इलाज की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। वीडीए कर्मचारी नीतेश पांडेय ने बिना कारण और नोटिस के नौकरी से हटाए जाने की शिकायत की, जिस पर मंत्री ने अधिकारी से बात कर उन्हें दोबारा काम पर लेने के निर्देश दिए।
बेलहुआ निवासी धर्मेंद्र ने पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े नगर निगम के मामले में दोबारा जांच और सुनवाई की मांग रखी। दुर्गाकुंड के अनुज बहल ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पत्नी को पुश्तैनी मकान से जबरन बाहर कर दिया गया। वहीं, औरंगाबाद की ताहिरा ने निलंबन आदेश रद्द कर दोबारा सेवा में बहाल करने की मांग की। जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को शिकायतों का जल्द और सही तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।