नयी दिल्ली। जापान की प्रमुख साख निर्धारण एजेंसी 'जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी' (JCR) ने भारत की दीर्घकालिक विदेशी और स्थानीय मुद्रा रेटिंग को 'BBB+' से बढ़ाकर 'A-' कर दिया है। इसके साथ ही एजेंसी ने देश का आर्थिक आउटलुक 'स्थिर' बनाए रखा है। एजेंसी ने भारत की कंट्री सीलिंग को भी अपग्रेड कर 'A' श्रेणी में शामिल कर दिया है, जिससे भारतीय कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों से कम लागत पर विदेशी ऋण जुटाना बेहद आसान और सुलभ हो जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने इस रेटिंग उन्नयन का स्वागत करते हुए इसे देश की टिकाऊ आर्थिक नीतियों और वित्तीय मजबूती की वैश्विक स्वीकृति बताया है। एजेंसी के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, सार्वजनिक अवसंरचना में बड़े पैमाने पर सरकारी निवेश और सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद निरंतर उच्च विकास दर हासिल कर रही है। चालू वित्त वर्ष में भारत का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) प्रदर्शन बेहद उत्साहजनक रहा है, जिसने वैश्विक निवेशकों के विश्वास को और मजबूत किया है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारत का राजकोषीय घाटा लगातार कम हो रहा है, जबकि पूंजीगत व्यय में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और सेवा क्षेत्र के बढ़ते निर्यात की बदौलत भारत का बाह्य आर्थिक ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है। जेसीआर से पहले अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साख एजेंसियों ने भी भारत के सॉवरेन आउटलुक में सुधार किया था, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक और समावेशी विकास की मजबूत बुनियाद को रेखांकित करता है।