तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जमकर तारीफ की है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ओवैसी को सच्चा देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता होने के नाते वह पूरी जिम्मेदारी के साथ यह बात कह सकते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी देशभक्ति के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कम नहीं हैं।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि जब भी देशभक्ति या देश की सुरक्षा की बात आएगी, ओवैसी बंधु कभी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुद्दों पर नेताओं के विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन देश की सुरक्षा और देशभक्ति के सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
'ओवैसी भाइयों की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा सकता'
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि कुछ लोगों ने असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी को देश के खिलाफ बताया है, लेकिन वह इस विचार से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक, दोनों भाइयों की देशभक्ति में कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक टिप्पणियां और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन जब बात देश की रक्षा की आती है तो ओवैसी बंधु पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति ओवैसी भाइयों की देशभक्ति पर उंगली नहीं उठा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी दिखाया था समर्थन
रेवंत रेड्डी ने अपने बयान के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों के समर्थन में निकाली गई रैली में कांग्रेस नेताओं के साथ शामिल हुए थे। इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सैनिकों की सलामती के लिए दुआ भी की थी।
मुख्यमंत्री के इस बयान को तेलंगाना की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रेवंत रेड्डी और ओवैसी अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और कई मुद्दों पर दोनों की राजनीतिक स्थिति अलग रही है। ऐसे में सार्वजनिक मंच से ओवैसी की देशभक्ति की तारीफ करना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक मतभेदों को देशभक्ति के सवाल से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सैनिकों के सम्मान के मामले में सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
इस बयान के बाद तेलंगाना की राजनीति में सियासी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। खासतौर पर मुख्यमंत्री द्वारा ओवैसी बंधुओं की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से किए जाने को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।