बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को हुई भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। सीतापुर के गौरा गांव में लगातार बारिश के कारण कमजोर हुई कच्ची दीवार गिर गई। हादसे में 32 वर्षीय नेकराम और उनकी 5 साल की भांजी लक्ष्मी की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि 8 साल का मोहित घायल हो गया। वहीं गाजीपुर में गंगा में नहाते समय 16 वर्षीय माही और 14 वर्षीय महिमा बह गईं। दोनों की तलाश में नाविकों और प्रशासन की टीमें जुटी हैं।
बलिया में गंगा खतरे के निशान से 1.60 मीटर ऊपर बह रही है। इससे बलिया सदर और बैरिया के 56 तटीय गांव प्रभावित हुए हैं और करीब 20 हजार लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। प्रशासन ने इन इलाकों में 47 नावें लगाई हैं। प्रभावित लोगों को राशन, दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। वाराणसी में भी गंगा चेतावनी बिंदु पार कर गई है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट डूबने के बाद अंतिम संस्कार छतों और गलियों में किए जा रहे हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर पहुंच गई है। रामघाट और निरमोही अखाड़ा पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सेना के हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। वहीं लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के उफान के कारण भीरा-पलिया स्टेशनों के बीच पानी भर गया, जिसके चलते मैलानी-नानपारा रेल सेवा रोकनी पड़ी। जिले में कक्षा 8 तक के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।
मिर्जापुर और सोनभद्र में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मिर्जापुर के अहरौरा जलाशय के दो गेट खोलकर 700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोनभद्र के बेलवानिया गांव में तालाब का बांध टूटने से 11 परिवारों के घरों में पानी घुस गया, जिन्हें पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया। मौसम को देखते हुए सोनभद्र में बुधवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।