फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याउज़ाकी' की स्पेशल स्क्रीनिंग सिर्फ फिल्म के जश्न तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरान अभिनेता नासिर की अपनी सह-कलाकार नफीसा अली के लिए कही गई दिल छू लेने वाली बातों ने भी सबका ध्यान खींच लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान नासिर ने नफीसा की हिम्मत, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति उनके जज़्बे की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद नफीसा जिस मुस्कान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, वह हर किसी के लिए प्रेरणा है।
नासिर ने फिल्म को अपने हालिया करियर की सबसे खास फिल्मों में से एक बताते हुए कहा कि इसकी शूटिंग का अनुभव किसी परिवार के साथ काम करने जैसा था। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बेहद खास फिल्म है। पूरी टीम के साथ काम करना शानदार रहा। नफीसा अली के साथ काम करना एक यादगार अनुभव था। जिस दौर से वह गुजर रही हैं, उसके बावजूद वह हमेशा मुस्कुराते हुए सामने आती हैं। उनकी हिम्मत और सकारात्मक सोच सचमुच प्रेरणादायक है।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दर्शक इस भावनात्मक कहानी को जरूर पसंद करेंगे और फिल्म को भरपूर प्यार देंगे।
अपने सह-कलाकार आदिल हुसैन की तारीफ करते हुए नासिर ने कहा कि वह एक बेहतरीन अभिनेता हैं और उन्होंने फिल्म में अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। साथ ही उन्होंने मौजूदा दौर के भारतीय सिनेमा पर भी अपनी राय रखी। नासिर के मुताबिक आज की फिल्में पहले से कहीं ज्यादा साहसी और विचारोत्तेजक हैं। उनका मानना है कि नई पीढ़ी के फिल्मकार सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़े अहम मुद्दों को भी अपनी कहानियों का हिस्सा बना रहे हैं, जिससे सिनेमा की सोच और दायरा दोनों व्यापक हुए हैं।
फिल्म की कहानी भी अपनी अनोखी थीम की वजह से चर्चा में है। निर्देशक पद्माकुमार नरसिम्हामूर्ति की यह इमोशनल ड्रामा फिल्म रिश्तों, परिवार, बिछड़ने के दर्द और दोबारा जुड़ने की उम्मीद को बेहद संवेदनशील अंदाज़ में पेश करती है। कहानी मैक्स और मिन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके रिश्ते में आई दरार के बीच उनकी प्यारी बिल्ली 'म्याउज़ाकी' सबसे बड़ा भावनात्मक केंद्र बन जाती है। इसी बहाने फिल्म प्यार, अपनापन और भावनात्मक हीलिंग की एक खूबसूरत यात्रा दिखाती है।
सिद्धार्थ मेनन, मेधा शंकर, आदिल हुसैन, नासिर, मंदिरा बेदी और नफीसा अली जैसे दमदार कलाकारों से सजी यह फिल्म अपनी संवेदनशील कहानी और शानदार अभिनय के लिए सराही जा रही है। हालांकि स्क्रीन पर इसकी कहानी दर्शकों को भावुक करती है, लेकिन स्क्रीनिंग के दौरान नासिर द्वारा नफीसा अली के लिए कही गई बातें भी उतनी ही यादगार रहीं। उनके शब्द इस बात का एहसास कराते हैं कि असली प्रेरणा सिर्फ फिल्मों की कहानियों में ही नहीं, बल्कि उन कलाकारों की जिंदगी में भी मिलती है, जो हर मुश्किल का सामना मुस्कुराते हुए करते हैं।