फिल्म 'तेरा यार हूँ मैं' की स्पेशल स्क्रीनिंग सिर्फ स्टार्स की मौजूदगी और रेड कार्पेट तक सीमित नहीं रही। इस मौके पर अभिनेत्री मन्नारा चोपड़ा ने एक ऐसे मुद्दे पर अपनी राय रखी, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा हुआ है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और साफ कहा कि अपने अधिकारों की आवाज उठाना किसी भी तरह से देश-विरोधी नहीं माना जा सकता। उनका बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
जब मन्नारा से छात्रों के आंदोलन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि शिक्षा हर बच्चे का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने कहा, "हर बच्चा पढ़ने का हकदार है। वे और उनके माता-पिता अपनी पढ़ाई के लिए मेहनत, समय और पैसा लगाते हैं। अगर वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं तो मैं उनके साथ हूं। बच्चे दिल के साफ होते हैं और निश्चित रूप से देशभक्त होते हैं। इसमें कुछ भी देश-विरोधी नहीं है।" मन्नारा की यह बात शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखते हुए छात्रों के अधिकारों के पक्ष में एक स्पष्ट संदेश देती नजर आई।
स्क्रीनिंग के दौरान मन्नारा ने फिल्म के नए अभिनेता अमन इंद्र कुमार का भी खुलकर हौसला बढ़ाया। मशहूर फिल्ममेकर इंद्र कुमार के बेटे अमन इस फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। मन्नारा ने कहा कि फिल्म की स्टारकास्ट काफी दिलचस्प है और वह अमन को उनके डेब्यू के लिए दिल से शुभकामनाएं देती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद पहली बार फिल्म देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं और स्क्रीनिंग का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं।
बातचीत के दौरान मन्नारा ने दिग्गज अभिनेता परेश रावल की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि परेश रावल जिस भी फिल्म का हिस्सा बनते हैं, उसकी गुणवत्ता अपने आप बेहतर हो जाती है। खुद को 'हेरा फेरी' फ्रेंचाइजी की बड़ी प्रशंसक बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पर्दे पर परेश रावल को देखना हमेशा खास अनुभव होता है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक-दूसरे का साथ देने की संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि नए कलाकारों की फिल्मों की स्क्रीनिंग में शामिल होना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे परिवार की तरह एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाने का तरीका है।
'बिग बॉस 17' के बाद देशभर में नई पहचान बनाने वाली मन्नारा चोपड़ा लगातार फिल्मों और सार्वजनिक मंचों पर अपनी बेबाक राय के लिए चर्चा में रहती हैं। 'तेरा यार हूँ मैं' की स्क्रीनिंग में भी उन्होंने सिर्फ फिल्म की टीम का समर्थन ही नहीं किया, बल्कि शिक्षा जैसे अहम सामाजिक मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके शब्द—"इसमें कुछ भी देश-विरोधी नहीं है"—इस बात की याद दिलाते हैं कि मनोरंजन की दुनिया से जुड़े कलाकार भी समाज के जरूरी मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटते।