न्यू जर्सी / न्यूयॉर्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026™ के महामुकाबले से ठीक पहले स्पेनिश फुटबॉल टीम के कप्तान और दिग्गज मिडफील्डर रोड्रिगो हर्नांडेज (रोड्री) ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित ऐतिहासिक मेटलाइफ स्टेडियम में रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोड्री ने कहा कि यह टीम सालों की कड़ी मेहनत और एक पांच वर्षीय निरंतर प्रक्रिया का नतीजा है, जो आज दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में खड़ी है। 30 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने अपने साथियों में जोश भरते हुए कहा कि मैदान पर वे हारने के डर की बजाय सिर्फ और सिर्फ जीतने की उत्सुकता के साथ उतरेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि स्पेन की यह मौजूदा राष्ट्रीय टीम दुनिया की किसी भी बड़ी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर करने की पूरी काबिलियत रखती है।
फाइनल मैच की चुनौतियों पर बात करते हुए रोड्री ने स्वीकार किया कि रविवार का मुकाबला पिछले मैचों की तुलना में काफी अलग और शारीरिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाला है। हालांकि, उन्होंने टीम की सबसे बड़ी ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि स्पेन की खासियत हर परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालने की है। चाहे डिफेंस करना हो, जवाबी हमला (काउंटर-अटैक) करना हो या फिर फ्रंट-फुट पर आकर आक्रामक फुटबॉल खेलना हो, उनकी टीम हर कला में पूरी तरह संपूर्ण है। स्पेन के पहली बार 2010 में विश्व कप जीतने के 16 साल बाद रोड्री ने माना कि उस सुनहरे दौर की टीम का दृढ़ संकल्प आज भी उनके लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत है。
दूसरी तरफ, स्पेनिश टीम के मुख्य प्रबंधक लुइस डे ला फुएंते ने युवा सनसनी लामिन यामल की फिटनेस को लेकर चल रही सभी चिंताओं को खारिज कर दिया है। फुएंते ने पुष्टि की है कि यामल ने बाकी साथियों के साथ पूरे प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया है और वे शारीरिक रूप से 100 प्रतिशत फिट हैं। उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ टीम ने असाधारण प्रदर्शन किया था, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाफ उन्हें अपने खेल का स्तर और ऊंचा करना होगा, क्योंकि विरोधी टीम मौजूदा विश्व चैंपियन है। फुटबॉल के इस सबसे बड़े मंच पर लियोनेल मेसी और लामिन यामल के बीच होने वाले इस ऐतिहासिक जनरेशनल क्लैश (Generational Clash) पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।