तेहरान/वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय खेल कूटनीतिक लॉजिस्टिक्स और भू-राजनीतिक सुरक्षा कवच के बीच एक नया और विखंडनकारी विवाद पैदा हो गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी के नियमों और प्रबंधकीय तौर-तरीकों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बेहद कड़ा और सीधा हमला बोला है। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर आधिकारिक विलेख जारी करते हुए अमेरिकी सरकार के रवैये को उसकी पुरानी और चिर-परिचित साम्राज्यवादी विदेश नीति का ही हिस्सा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि खेलों के इस सबसे बड़े वैश्विक महाकुंभ के आयोजन में भी वाशिंगटन अपनी कूटनीतिक ताकत का अनुचित उपयोग कर रहा है, जो खेल की मूल भावना के नियमों के विपरीत है।
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने सांख्यिकी और तीखे बयानों में ट्रंप के प्रसिद्ध नारे 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार का यह तरीका असल में वैश्विक नियमों को अपने हित में मरोड़ना, प्रतिद्वंद्वियों को डराना, उनके इंफ्रास्ट्रक्चर के रास्ते में बाधाएं खड़ी करना और छल-कपट अपनाना है। पेजेशकियान ने कड़ाई से स्पष्ट किया कि ईरान इस तरह की विखंडनकारी रणनीतियों और अनुचित दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने संप्रभु अधिकारों और अपनी राष्ट्रीय टीम के हितों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ मुस्तैद खड़ा रहेगा।
खेल और रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच पहले से ही जारी कड़े भू-राजनीतिक तनावों के बीच, फीफा विश्व कप की मेजबानी को लेकर उपजा यह नया कूटनीतिक गतिरोध आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया के सुरक्षा कवच और खेल विन्यास को और अधिक जटिल बना सकता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि खेलों के लॉजिस्टिक्स का राजनीतिकरण वैश्विक मंचों पर अमेरिका की सांख्यिकी और विधिक छवि को और अधिक प्रभावित करेगा।