केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में सुधार के उद्देश्य से गठित 8वें वेतन आयोग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। आयोग की समर्पित परामर्श टीम अपने 18 महीने के निर्धारित कार्यकाल के 10 महीने पूरे करने के बाद 7 और 8 सितंबर को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के दो दिवसीय दौरे पर है। इस यात्रा के दौरान आयोग के प्रतिनिधि विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों, सिविल और रक्षा पेंशनभोगी संघों तथा स्थानीय हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर रहे हैं। इस परामर्श का मुख्य केंद्र न्यूनतम मूल वेतन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की मांगों का गहन विश्लेषण करना है।
बैठक में केवल वेतन वृद्धि पर ही नहीं, बल्कि मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए महंगाई भत्ते (DA) के समायोजन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समीक्षा और कार्यस्थलों की स्थिति सुधारने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सुझाव दर्ज किए जा रहे हैं। यद्यपि सोशल मीडिया पर 2.15, 2.28 या 2.57 जैसे संभावित फिटमेंट फैक्टर को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, किंतु आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम संस्तुति आयोग की रिपोर्ट और तत्पश्चात केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति पर ही निर्भर करेगी।
दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सफल दौरों के बाद चेन्नई का यह चरण आयोग की राष्ट्रव्यापी समीक्षा प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण भाग है। तय कार्ययोजना के तहत चेन्नई परामर्श समाप्त होते ही 9 सितंबर 2026 को टीम पुडुचेरी रवाना होगी, जिसके पश्चात सितंबर के मध्य में चंडीगढ़ और अक्टूबर की शुरुआत में बेंगलुरु में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें प्रस्तावित हैं।