पाकिस्तान क्रिकेट टीम में इन दिनों एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान ने अपने स्क्वाड में सात नए खिलाड़ियों को शामिल किया। इनमें 21 वर्षीय तेज गेंदबाज ऑलराउंडर रजाउल्लाह का नाम भी था। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि टीम में चयन होने के बाद PCB को खुद पता नहीं था कि रजाउल्लाह आखिर कहां हैं।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, PCB ने अपने रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर रजाउल्लाह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद बोर्ड ने उनके कोच से संपर्क किया। कोच को खैबर पख्तूनख्वा की पहाड़ियों में स्थित रजाउल्लाह के घर की ओर भेजा गया, ताकि उन्हें टीम में चयन की जानकारी दी जा सके।
रजाउल्लाह को खुद नहीं थी सेलेक्शन की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोच ने रजाउल्लाह को बताया कि उनका पाकिस्तान की टेस्ट टीम में चयन हो गया है, तो उन्हें इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ। यानी जिस खिलाड़ी को देश की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली, उसे खुद अपने चयन की जानकारी नहीं थी।
इसके बाद PCB ने उन्हें तत्काल लाहौर बुलाया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। बताया गया कि रजाउल्लाह के पास पासपोर्ट तक नहीं था। राष्ट्रीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे से जुड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया भी इसके बाद शुरू की गई।
यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और PCB की चयन तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
कौन हैं रजाउल्लाह?
रजाउल्लाह 21 साल के युवा तेज गेंदबाज ऑलराउंडर हैं और खैबर पख्तूनख्वा से आते हैं। वह पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट सिस्टम में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस साल उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग यानी PSL 2026 में भी डेब्यू किया। उन्हें मोहम्मद रिजवान की कप्तानी वाली रावलपिंडीज फ्रेंचाइजी में मौका मिला। हालांकि उन्हें टीम की प्लेइंग इलेवन में सिर्फ दो मुकाबले खेलने का अवसर मिला।
इन दो मैचों में रजाउल्लाह ने 27.66 की औसत से तीन विकेट हासिल किए। PSL में उनका अनुभव अभी सीमित है, लेकिन घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े काफी प्रभावशाली हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
रजाउल्लाह ने अब तक आठ फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 30 विकेट हासिल किए हैं। गेंदबाजी के साथ-साथ वह बल्लेबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत 27.75 का है।
यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें पाकिस्तान के लिए उपयोगी खिलाड़ी बना सकती है। तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में रन बनाने वाला खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में टीम का संतुलन बेहतर कर सकता है।
हालांकि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। सबसे पहले उन्हें राष्ट्रीय टीम के माहौल में खुद को ढालना होगा।
PCB पर उठे सवाल
रजाउल्लाह की कहानी एक तरफ जहां युवा क्रिकेटर के लिए सपने के सच होने जैसी है, वहीं दूसरी तरफ PCB की व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। किसी खिलाड़ी के चयन के बाद उससे संपर्क न हो पाना और उसके पास पासपोर्ट तक नहीं होना बोर्ड की तैयारियों में कमी की ओर इशारा करता है।
अब देखना होगा कि रजाउल्लाह को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या नहीं। अगर उन्हें मौका मिलता है, तो पहाड़ों से अचानक राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे इस युवा खिलाड़ी के लिए यह करियर का सबसे बड़ा मंच होगा।