भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दिनों में दो ऐसे मेगा IPO दस्तक देने वाले हैं, जिन पर देश-दुनिया के निवेशकों की नजर है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक यूनिट Jio Platforms और National Stock Exchange यानी NSE के प्रस्तावित IPO को हरी झंडी दे दी है। दोनों इश्यू के बाजार में आने की खबर से ही निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये दोनों मेगा IPO लिस्टिंग के दिन निवेशकों को शानदार कमाई का मौका देंगे या फिर बड़े इश्यू होने के बावजूद रिटर्न उम्मीद से कम रह सकता है।
कितना बड़ा होगा Jio Platforms का IPO?
अनुमान के मुताबिक Jio Platforms करीब 4 अरब डॉलर यानी लगभग 37,800 करोड़ रुपये का IPO ला सकता है। अगर कंपनी इसी अनुमानित आकार के साथ बाजार में उतरती है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
Jio Platforms के मेगा इश्यू के अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अभी इश्यू का अंतिम आकार, प्राइस बैंड और अन्य महत्वपूर्ण शर्तों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
Jio Platforms का IPO रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार की बाजार में मजबूत स्थिति को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि घरेलू निवेशकों के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की नजर भी इस इश्यू पर बनी हुई है।
NSE IPO भी नहीं रहेगा पीछे
दूसरी ओर NSE का प्रस्तावित IPO भी करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल NSE के सार्वजनिक बाजार में आने का इंतजार निवेशक लंबे समय से कर रहे हैं।
अगर NSE करीब 30,000 करोड़ रुपये और Jio Platforms करीब 37,800 करोड़ रुपये का इश्यू लेकर आते हैं, तो दोनों मिलकर भारतीय IPO मार्केट में पूंजी जुटाने का नया रिकॉर्ड बना सकते हैं।
Hyundai का रिकॉर्ड टूटेगा?
भारत में सबसे बड़े IPO की चर्चा में हाल ही में Hyundai Motor India का नाम सामने आया था। कंपनी ने करीब 27,858 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च किया था। अब अगर Jio Platforms और NSE अनुमानित आकार के साथ बाजार में उतरते हैं, तो दोनों में से कम से कम Jio Platforms Hyundai Motor India के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है।
हालांकि किसी IPO का बड़ा होना इस बात की गारंटी नहीं है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को बड़ा मुनाफा मिलेगा। IPO की लिस्टिंग पर इश्यू प्राइस, कंपनी की वैल्यूएशन, बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के समय सेंटीमेंट जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
पुराने Mega IPO का रिकॉर्ड क्या बताता है?
भारतीय बाजार में पहले भी कई बड़े IPO आ चुके हैं। कुछ कंपनियों ने लिस्टिंग के बाद निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, जबकि कुछ बड़े इश्यू कमजोर बाजार परिस्थितियों या ऊंची वैल्यूएशन के कारण उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।
यही वजह है कि Jio Platforms और NSE के IPO को लेकर निवेशकों को केवल इश्यू के आकार पर निर्भर रहने के बजाय कंपनी की वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और इश्यू प्राइस को भी ध्यान से देखना होगा।
फिलहाल SEBI की मंजूरी के बाद दोनों मेगा IPO के लिए रास्ता साफ हो गया है। अब निवेशकों की नजर इश्यू डेट, प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और सब्सक्रिप्शन डिटेल्स पर रहेगी। अगर दोनों अनुमानित आकार के साथ बाजार में आते हैं, तो भारतीय IPO बाजार में एक नया अध्याय लिखा जा सकता है।