नई दिल्ली। भारत को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में तीन दिवसीय ‘बायोएनर्जी ग्लोबल 2026’ सम्मेलन की शुरुआत हो गई। 31 जुलाई तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश-विदेश से ऊर्जा विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता और निवेशक एक मंच पर जुटे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जैव ऊर्जा, बायोफ्यूल और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीकों, निवेश के अवसरों और भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा करना है।
सम्मेलन में 200 से अधिक कंपनियां और संस्थान अपनी नवीनतम तकनीकों, उत्पादों और ऊर्जा समाधान का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन के दौरान बायोगैस, बायोमास, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), वेस्ट-टू-एनर्जी, सतत विमानन ईंधन (SAF), बायो रिफाइनरी और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में नवाचार भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा हजारों व्यावसायिक प्रतिनिधियों और निवेशकों की भागीदारी से उद्योग और सरकार के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कृषि अवशेषों और जैविक कचरे के बेहतर उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण दोनों लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि भारत तेजी से हरित ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है और जैव ऊर्जा इस परिवर्तन का अहम आधार बन सकती है। इससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी। सम्मेलन में नई साझेदारियों, तकनीकी सहयोग और निवेश योजनाओं पर भी चर्चा की जा रही है, जिससे इस क्षेत्र में भविष्य की परियोजनाओं को बल मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार, उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय मिलकर जैव ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा देते हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक बायोएनर्जी हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है। इस सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव देश की हरित ऊर्जा नीति और सतत विकास लक्ष्यों को नई मजबूती देने में सहायक साबित हो सकते हैं।