भारतीय प्राइमरी मार्केट में 9 सितंबर 2026 को एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। दलाल स्ट्रीट पर करीब 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक ही दिन में छह बड़ी मेनबोर्ड कंपनियों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) निवेशकों के लिए खुले हैं। इससे पहले ऐसा अनोखा नजारा 14 अक्टूबर 1996 को देखा गया था, जब एक साथ छह कंपनियों ने बाजार में दस्तक दी थी। इस अप्रत्याशित रफ्तार ने दलाल स्ट्रीट के निवेशकों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है।
बुधवार को पेश हुए इन छह IPO के जरिए कंपनियां कुल मिलाकर लगभग ₹4,509 करोड़ की पूंजी जुटाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी हैं। इस बार बाजार में विविधता का खास ध्यान रखा गया है, जिसमें फर्नीचर व उपकरण किराए पर देने वाली प्लेटफॉर्म Rentomojo के अलावा फाइनेंस, पेमेंट सॉल्यूशंस और इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। इनमें Asset Reconstruction Company (India), Manipal Payment & Identity Solutions, Steamhouse India, LCC Projects और Karamtara Engineering के नाम प्रमुख हैं।
पूंजी जुटाने के पैमाने में आया यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार को दर्शाता है। 1996 में जब छह IPO एक दिन में आए थे, तब वे मिलकर महज ₹22 करोड़ जुटा पाए थे। चालू सप्ताह भी निवेशकों के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि 7 से 11 सितंबर के दौरान कुल 12 मेनबोर्ड इश्यू के जरिए ₹7,180 करोड़ जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा, SEBI से हरी झंडी मिलने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO भी इसी महीने के अंत तक आने की पूरी संभावना है।