अक्सर लोग मानते हैं कि जब प्यास लगे, तभी शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होती है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्यास लगना डिहाइड्रेशन का शुरुआती नहीं बल्कि काफी देर से दिखने वाला लक्षण है। इससे पहले ही हमारा शरीर कई सूक्ष्म संकेत देने लगता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी और इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सिन्हा के हवाले से बताया गया है कि सिरदर्द, मीठा खाने की अचानक तलब (Sugar Cravings) और सांसों की बदबू सीधे तौर पर पानी की कमी से जुड़ी हो सकती हैं।
ये 3 असामान्य लक्षण कैसे जुड़े हैं डिहाइड्रेशन से?
मीठा खाने की तीव्र इच्छा (Sugar Cravings):
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो लिवर के लिए ग्लाइकोजन से ग्लूकोज रिलीज करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा, डिहाइड्रेशन के कारण दिमाग भूख और प्यास के संकेतों में भ्रमित हो जाता है। शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होने पर दिमाग तुरंत एनर्जी देने वाली मीठी चीजों की मांग करने लगता है।
अकारण सिरदर्द (Headaches):
सिरदर्द होने पर अक्सर लोग पेनकिलर खा लेते हैं, जबकि असल वजह तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। शरीर में पर्याप्त पानी न होने पर ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है और मस्तिष्क के ऊतकों में अस्थायी खिंचाव पैदा होता है, जिससे सिरदर्द और भारीपन की समस्या होने लगती है।
सांसों से बदबू आना (Bad Breath):
लार (Saliva) में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह से बैक्टीरिया और भोजन के कणों को साफ करते हैं। डिहाइड्रेशन की स्थिति में लार का उत्पादन घट जाता है, जिससे मुंह सूखने लगता है। लार की कमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो सांसों की दुर्गंध का कारण बनते हैं।
प्यास लगने का इंतजार न करें
पीएसआरआई अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रशांत सिन्हा के अनुसार, जब तक हमें खुलकर प्यास का अहसास होता है, तब तक शरीर पहले ही काफी हद तक पानी की कमी झेल चुका होता है।
- शुरुआती अनदेखे संकेत: मुंह का सूखापन, गहरे पीले रंग का पेशाब, सुस्ती, चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन और एकाग्रता में कमी।
- इमरजेंसी कब समझें: यदि डिहाइड्रेशन के साथ अत्यधिक चक्कर आएं, बेहोशी जैसी स्थिति बने, दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज हो जाए या लगातार उल्टी-दस्त के कारण पानी पीना संभव न हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह है कि विशेषकर गर्म और उमस भरे मौसम में केवल प्यास पर निर्भर न रहें, बल्कि दिनभर नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।