नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल (BSNL) को प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने प्रयास तेज करने की बात कही है। संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बीएसएनएल को आधुनिक नेटवर्क, बेहतर सेवाओं और व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ नई पहचान दिलाना है। उन्होंने संकेत दिए कि बदलती तकनीक और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनी को मजबूत करने के लिए लगातार योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत का दूरसंचार क्षेत्र तेजी से बदला है। मोबाइल इंटरनेट की पहुंच बढ़ने, डेटा सेवाओं की लागत कम होने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से देश के करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। अब सरकार का अगला लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों तक तेज गति वाली ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाना है, ताकि डिजिटल अंतर को और कम किया जा सके।
सरकार का मानना है कि बीएसएनएल इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कंपनी का नेटवर्क देश के कई ऐसे क्षेत्रों तक पहुंचा हुआ है, जहां निजी दूरसंचार कंपनियों की मौजूदगी सीमित है। ऐसे में नेटवर्क अपग्रेड, आधुनिक उपकरणों की स्थापना और नई तकनीकों को अपनाकर बीएसएनएल को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है और परिचालन प्रदर्शन पहले की तुलना में बेहतर हुआ है।
मंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को भी दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और डिजिटल स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए नेटवर्क सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करना आवश्यक है। इसके लिए तकनीकी समाधान और जागरूकता दोनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बीएसएनएल को आधुनिक 4G और 5G सेवाओं, बेहतर ग्राहक अनुभव और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आगे बढ़ाया जाता है, तो कंपनी एक बार फिर भारतीय दूरसंचार बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है। आने वाले वर्षों में सरकारी निवेश, तकनीकी उन्नयन और सेवा विस्तार बीएसएनएल के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।