आगामी त्योहारी सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और कीमतों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े (1 से 15 सितंबर) के लिए देश भर की चीनी मिलों के लिए 13 लाख टन चीनी बिक्री का कोटा जारी किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान मिठाइयों तथा खाद्य पदार्थों के लिए बढ़ने वाली चीनी की मांग को सुचारू रूप से पूरा करना है।
इस बार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रिलीज ऑर्डर नियमों में कड़ा बदलाव करते हुए मिलों के लिए 7 दिनों के भीतर अपना आवंटित कोटा बेचना अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले चीनी मिलों को सरकार द्वारा आवंटित कोटा खुले बाजार में बेचने के लिए 30 दिनों का समय मिलता था, जिसका लाभ उठाकर कई इकाइयां ज्यादा मुनाफे की उम्मीद में स्टॉक रोक लेती थीं। नए पाक्षिक तंत्र और सख्त समय सीमा से मिलें अब कृत्रिम अभाव पैदा नहीं कर पाएंगी, जिससे बाजार में निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी और कीमतें पूरी तरह से नियंत्रण में रहेंगी।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने केवल उत्पादकों ही नहीं बल्कि औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी नकेल कसी है। मिठाई निर्माताओं, बेकरी और कोल्ड ड्रिंक कंपनियों जैसे बड़े थोक खरीदारों पर 15 दिनों से अधिक का चीनी स्टॉक रखने पर रोक लगा दी गई है। यह स्टॉक लिमिट प्रतिबंध 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इन एकीकृत नीतिगत उपायों से त्योहारी सीजन में जमाखोरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी और आम लोगों को महंगी चीनी से सुरक्षा मिलेगी।