नई दिल्ली। भारत में रेल माल परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी प्रमुख कंपनियों टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड, यूरोप की टूएक्स ग्रुप और अमेरिका की ट्रिनिटीरेल ग्लोबल ने संयुक्त रूप से एक नया उद्यम स्थापित करने का फैसला किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य अगले तीन से पांच वर्षों के दौरान 100 नए रेल रेक तैयार करना और देश में माल परिवहन की क्षमता को मजबूत बनाना है। इस परियोजना में लगभग 1,800 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है।
नई संयुक्त कंपनी के गठन के साथ भारतीय विनिर्माण क्षमता, यूरोपीय रेल लीजिंग अनुभव और उत्तर अमेरिकी इंजीनियरिंग तकनीक को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। कंपनियों का मानना है कि इससे आधुनिक रेल वैगनों के निर्माण, रखरखाव, एसेट मैनेजमेंट और लीजिंग सेवाओं में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा। यह मॉडल भारतीय रेलवे के माल परिवहन नेटवर्क को अधिक दक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद कर सकता है।
संयुक्त उद्यम में टेक्समैको और टूएक्स की 34-34 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि ट्रिनिटीरेल ग्लोबल 32 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इस परियोजना का हिस्सा बनेगी। कंपनियों का कहना है कि यह साझेदारी केवल नए रेल रेक तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रेलवे लॉजिस्टिक्स के लिए दीर्घकालिक तकनीकी समाधान विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में औद्योगिक उत्पादन और ई-कॉमर्स गतिविधियों के विस्तार के साथ रेल आधारित माल परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय रेल योजना के तहत सरकार भी माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में नई तकनीक से लैस रेल रेक उद्योग, कृषि, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए तेज और किफायती परिवहन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उद्योग जगत का मानना है कि इस साझेदारी से देश में रेल वैगन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ भारतीय कंपनियों को मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। साथ ही, यह पहल भारत को आधुनिक रेल लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।