ताजा खबर

यूरोपीय और ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में निवेश आसान करेगा ‘ग्रीन चैनल’, सिंगल विंडो सिस्टम पर जोर

Photo Source :

Posted On:Friday, August 21, 2026

भारत यूरोप और ब्रिटेन की कंपनियों के लिए देश में निवेश करना आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। सरकार विदेशी निवेशकों के लिए एक खास ‘ग्रीन चैनल’ सिस्टम विकसित करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य निवेश से जुड़ी सरकारी मंजूरियों और प्रक्रियाओं को आसान बनाना है, ताकि विदेशी कंपनियां भारत में कम समय और कम परेशानी के साथ अपना कारोबार शुरू कर सकें।

प्रस्तावित व्यवस्था जापान प्लस और कोरिया प्लस जैसे मौजूदा मॉडल की तर्ज पर तैयार की जा सकती है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संबंधित देशों से आने वाले निवेश प्रस्तावों को बेहतर सरकारी समन्वय और तेज समाधान उपलब्ध कराना है। नए सिस्टम के जरिए यूरोपीय और ब्रिटिश निवेशकों को भी इसी तरह की विशेष सहायता देने की योजना है।

ट्रेड डील के साथ निवेश बढ़ाने की तैयारी

सरकार का फोकस सिर्फ भारत और यूरोप या ब्रिटेन के बीच व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि ट्रेड डील के जरिए भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह भी बढ़े। इसके लिए निवेशकों को मंजूरी लेने से लेकर परियोजना शुरू करने तक की प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, निवेशकों के लिए ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके। इस व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सीधे कर सकते हैं, ताकि किसी प्रोजेक्ट के सामने प्रशासनिक या मंजूरी से जुड़ी अड़चन आने पर उसे जल्द दूर किया जा सके।

इस तरह की व्यवस्था से विदेशी कंपनियों को अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही निवेश प्रस्तावों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया भी ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

UK ने की नोडल एजेंसी की मांग

भारत और ब्रिटेन के बीच निवेश और व्यापार को लेकर बातचीत के दौरान ब्रिटेन की ओर से निवेश से जुड़ी मंजूरियों के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने की मांग भी सामने आई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम शुरू करने पर भी जोर दिया गया है।

सिंगल विंडो सिस्टम का मतलब है कि निवेशकों को अलग-अलग मंजूरियों के लिए कई विभागों में जाने के बजाय एक ही प्लेटफॉर्म या व्यवस्था के जरिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा मिले। इससे समय और प्रशासनिक लागत दोनों को कम करने में मदद मिल सकती है।

ब्रिटेन भारत में निवेश करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और विदेशी निवेश के लिहाज से उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में ब्रिटिश कंपनियों के लिए निवेश प्रक्रिया आसान करना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है।

विदेशी निवेश को मिलेगा बढ़ावा

भारत पिछले कुछ वर्षों में खुद को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना बेहद जरूरी है। खासतौर पर यूरोप और ब्रिटेन की बड़ी कंपनियों से निवेश आने पर नई तकनीक, पूंजी, रोजगार और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने के अवसर बढ़ सकते हैं।

अगर प्रस्तावित ग्रीन चैनल और सिंगल विंडो सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होते हैं, तो विदेशी कंपनियों के लिए भारत में निवेश करना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। इससे ट्रेड डील का फायदा सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित न रहकर निवेश और पूंजी के प्रवाह तक भी पहुंच सकता है।


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.