सिंगापुर में एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी सात कंपनियों के निदेशक व भारतीय मूल के स्थायी निवासी रामू पलानीवेलू को आधिकारिक तौर पर दिवालिया घोषित कर दिया गया है। 'द स्ट्रेट्स टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, 13 अगस्त को सिंगापुर की अदालत ने उनके खिलाफ दिवालियापन (Bankruptcy) का आदेश पारित किया। यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के बाद सामने आई है जिनमें रामू की कंपनियों पर 407 से अधिक प्रवासी मजदूरों का वेतन न देने का आरोप लगाया गया था।
प्रवासी श्रमिकों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है, ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो महीनों से अधिक समय से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। यह विवाद पहली बार 2025 में सामने आया था, जब केपीए इंजीनियरिंग (KPA Engineering) के कुछ कर्मचारियों ने 'ट्रिपार्टाइट एलायंस फॉर डिस्प्यूट मैनेजमेंट' (TADM) में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जून में 100 से अधिक प्रभावित कर्मचारी अपने बकाया वेतन के दावों को लेकर बेंडमीर स्थित जनशक्ति मंत्रालय (Ministry of Manpower - MOM) के कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद सरकार ने मामले की गंभीर जांच शुरू की।
जांच शुरू होने के वक्त रामू पलानीवेलू विदेश में थे, लेकिन 26 जून को सिंगापुर लौटने के बाद वे जनशक्ति मंत्रालय की जांच में सहयोग कर रहे हैं। इस बीच, कानून मंत्रालय के दिवाला कार्यालय (Insolvency Office) के रिकॉर्ड से पता चला है कि रामू ने 9 जुलाई को स्वयं दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। सिंगापुर के श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों का वेतन न देने वाले नियोक्ताओं पर प्रति अपराध 3,000 से 15,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना और छह महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान है।