साउथ इंडियन सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सौकार जानकी का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। अभिनेत्री ने शुक्रवार, 21 अगस्त को चेन्नई के एकनिजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि अभिनेता नासर ने की। बताया गया कि दोपहर 1:59 बजे उनका निधन हुआ। कुछ समय सेउनकी तबीयत खराब थी और हाल ही में उन्हें चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही साउथ फिल्मइंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
सौकार जानकी सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा को अपनी प्रतिभा से समृद्ध करने वाली कलाकारथीं। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं और कई पीढ़ियों के कलाकारों के साथ काम किया। मां, पत्नी, दादी से लेकर मजबूत और भावनात्मक महिलाकिरदारों तक, जानकी ने हर भूमिका को अपनी अलग पहचान दी। पर्दे पर उनकी सहजता और अभिनय की गहराई ने उन्हें सिर्फ सपोर्टिंग एक्ट्रेस तकसीमित नहीं रहने दिया।
राजमुंदरी में जन्मीं जानकी का जीवन भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। कम उम्र में शादी के बाद उन्होंने आकाशवाणी मद्रास में रेडियो जॉकीके तौर पर काम किया। पढ़ाई के प्रति उनका जुनून भी कम नहीं हुआ। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान मैट्रिक की परीक्षा दी और बाद में गुवाहाटीयूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अभिनय और परफॉर्मिंग आर्ट्स में अपनी जगह बनाना उनकी दृढ़ता को दिखाताहै।
सौकार जानकी ने 1950 में एल वी प्रसाद की तेलुगु फिल्म शावुकारू से सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालमफिल्मों में भी काम किया। वलयापति, देवकन्निका, महिषासुर मर्दिनी और स्कूल मास्टर जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अलग-अलग भाषाओं के दर्शकोंके बीच अपनी पहचान बनाई। डॉ. राजकुमार समेत कई दिग्गज कलाकारों के साथ उनका काम उनके लंबे और शानदार फिल्मी सफर का हिस्सा रहा।
करीब सात दशक लंबे करियर के बाद सौकार जानकी अपने पीछे सिर्फ फिल्मों की लंबी सूची नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की कई पीढ़ियों से जुड़ीएक समृद्ध विरासत छोड़ गई हैं। तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में उनका योगदान आने वाले समय में भी याद किया जाएगा। उनकेपरिवार में यज्ञ प्रभा कोटी, वेंकटरमण शंकरमंची और साची राव हैं। सौकार जानकी का जाना साउथ सिनेमा के उस दौर का अंत है, जिसे उन्होंने अपनेअभिनय से बेहद खूबसूरत बनाया।