संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
ओवैसी ने कहा कि सरकार युवाओं से दूर हो चुकी है और केवल नए कानून बनाने से उन छात्रों की परेशानियां खत्म नहीं होंगी, जिन्हें पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी का नुकसान उठाना पड़ा है।
NEET पेपर और एयरफोर्स के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
ओवैसी ने NEET परीक्षा के पेपर पहुंचाने के लिए वायुसेना के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या परीक्षा का पेपर पहुंचाने के लिए एयरफोर्स का इस्तेमाल करना उचित है?
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने बायोमेट्रिक सिस्टम की विफलता पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक क्यों हुई।
सिस्टम फेल होने का लगाया आरोप
AIMIM प्रमुख ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्पेशल टास्क फोर्स बनाना या नया कानून लाना पर्याप्त नहीं है।
ओवैसी ने सवाल किया कि जिन छात्रों ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी परेशानियों के कारण आत्महत्या कर ली, क्या उन्हें वापस लाया जा सकता है? उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप
ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर छात्रों और युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती नाराजगी को समझने की जरूरत है।
उन्होंने शायरी के जरिए भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि युवाओं को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
पेपर लीक पर संसद में सियासी घमासान
पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार का कहना है कि नया संशोधन विधेयक परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लाया गया है।
वहीं विपक्ष का आरोप है कि केवल कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरत है।