लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों से कट चुकी है और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल साबित हुई है। ओवैसी ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
ओवैसी ने उठाए कई सवाल
बहस के दौरान ओवैसी ने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्रों को ले जाने के लिए एयरफोर्स का इस्तेमाल किया गया, जो बेहद चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा के इतने दावे किए जाते हैं तो फिर परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम क्यों फेल हुआ। उनके अनुसार, लगातार हो रहे पेपर लीक से यह साफ है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
किरेन रिजिजू का पलटवार
ओवैसी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी उद्देश्य से पुराने कानून में संशोधन कर नया विधेयक लाया गया है। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने बिल के प्रावधानों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय विषय से भटककर राजनीतिक बयानबाजी की।
"छात्र हमारे बच्चे हैं"
रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती है और उनकी सुरक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षाओं के लिए यह संशोधन लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
इमरजेंसी का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में किरेन रिजिजू ने इमरजेंसी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जनता की आवाज सुनने के बजाय आपातकाल लागू कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम करती है और लोगों की बात सुनकर नीतियों में बदलाव करती है।
बिल के प्रावधानों पर चर्चा की अपील
रिजिजू ने कहा कि संसद में किसी भी विधेयक पर चर्चा उसके गुण-दोष के आधार पर होनी चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष ने इस महत्वपूर्ण विधेयक के प्रावधानों पर रचनात्मक चर्चा करने का अवसर गंवा दिया और बहस को राजनीतिक दिशा दे दी।
यह विधेयक देशभर में होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि नए संशोधनों से परीक्षा प्रणाली अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।