उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की लागत वाली विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भारतीय नायकों और ऐतिहासिक विभूतियों की उपेक्षा करके हमेशा विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया, जिससे गाजीपुर और पूर्वांचल के समक्ष पहचान का गंभीर संकट पैदा हो गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ने महाराजा सुहेलदेव जैसे महान योद्धाओं के गौरव को पुनर्जीवित कर इस क्षेत्र की अस्मिता को नई पहचान दी है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में महाराजा सुहेलदेव, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और संत रविदास जैसी महान हस्तियों के नाम पर बने संस्थानों के नाम बदले गए और सालार मसूद के मेलों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की भव्य प्रतिमा की स्थापना, मेडिकल कॉलेज के निर्माण, आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की स्थापना और गाजीपुर से दिल्ली के लिए सुहेलदेव सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन शुरू करके ऐतिहासिक न्याय किया है।
कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां दंगे, कर्फ्यू और प्रशासनिक अराजकता आम बात थी, वहीं आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह सुरक्षित और खुशहाल है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के विकास कार्यों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस चार लेन सड़क नेटवर्क से गाजीपुर से लखनऊ की दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे रह गई है, और सरकार इसे चंदौली तक विस्तारित करने की योजना पर कार्य कर रही है। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहारों में व्यवधान डालने या बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों से सरकार सख्ती से निपटेगी।