चंडीगढ़: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 17 जुलाई 2026 को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर केंद्रशासित प्रदेश में सुरक्षा विन्यास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को उच्चतम स्तर पर मुस्तैद कर दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी (VVIP) आगमन के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों और चंडीगढ़ पुलिस ने मिलकर पूरे शहर में एक अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार किया है। शहर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों, विभिन्न सेक्टरों की आंतरिक सड़कों और बाहरी ग्रामीण इलाकों को विधिक रूप से सील कर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग और नाकेबंदी के नियमों को धरातल पर कड़े रूप से लागू कर दिया गया है।
इस बड़े सुरक्षा लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक इनपुट पर गौर करें तो संदिग्ध गतिविधियों और पुराने विवादों से निपटने के लिए शहर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक छोटे-बड़े वाहन की गहन यांत्रिक तथा सांख्यिकी जांच की जा रही है। खुफिया इनपुट के तहत स्थानीय प्रशासन ने रेलवे स्टेशन, सेक्टर-17 और सेक्टर-43 के बस अड्डों सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध वस्तुओं और यात्रियों के सामान की सघन चेकिंग के लिए खोजी कुत्तों और बम निरोधक दस्तों को धरातल पर मुस्तैद किया है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय किराएदारों और होटलों में ठहरे बाहरी नागरिकों के विलेख सत्यापन का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के विखंडनकारी तत्व की गुंजाइश न बचे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) चंडीगढ़ में तीन महत्वाकांक्षी चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं—'मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर', 'एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर' और 'साउथ कैंपस ऑडिटोरियम' का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इन अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों की शुरुआत से उत्तर भारत के चिकित्सा विन्यास को भारी मजबूती मिलेगी। प्रशासन ने यातायात नियमों को सुचारू रखने के लिए एक व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है। खेल अब पूरी तरह से इस उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजामों के अनुशासित क्रियान्वयन और प्रधानमंत्री के इस दौरे के सफल समापन के कड़े सांख्यिकी मापदंडों पर टिका है।