अजमेर: राजस्थान में अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अजमेर जिला पुलिस की कृष्णगंज थाना टीम और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त विंग ने बुधवार (15 जुलाई 2026) को एक त्वरित खुफिया इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। पुलिस मुख्यालय के कड़े प्रशासनिक निर्देशों के तहत राज्यभर में चलाए जा रहे इस सघन चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विखंडनकारी नेटवर्क को मुस्तैद करना है।
अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने आधिकारिक विलेख जारी करते हुए बताया कि सुरक्षा कवच को मजबूत रखने के लिए मंगलवार को इस संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। हिरासत में ली गई महिला की पहचान 28 वर्षीय मीम अख्तर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका संभाग के किशोरगंज जिले की रहने वाली है। प्रारंभिक विधिक पूछताछ के सांख्यिकी नियमों के तहत महिला ने यह स्वीकार किया है कि उसने अंतरराष्ट्रीय भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार किया था और वह 14 जुलाई को ही अजमेर के विन्यास में पहुंची थी।
सुरक्षा नियमों के तहत खुफिया एजेंसियां अब महिला के भारत आने के वास्तविक कूटनीतिक उद्देश्यों, स्थानीय संपर्क सूत्रों और उसे पनाह देने वाले संभावित संदिग्ध नेटवर्क के बारे में गहन सांख्यिकी पूछताछ कर रही हैं। विदेशी अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीमावर्ती राज्यों से लेकर राजस्थान के आंतरिक जिलों तक खुफिया इंफ्रास्ट्रक्चर को और मुस्तैद कर दिया गया है ताकि पुराने विवादों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर किया जा सके। खेल अब पूरी तरह से इस व्यापक पूछताछ से निकलने वाले सांख्यिकी इनपुट और अनुशासित कानूनी कार्रवाई पर टिका है।