भारत में मानसून का महीना प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता। जब बारिश की बूंदें पहाड़ों और जंगलों को भिगोती हैं, तो सूखी वादियां भी मखमली हरी चादर ओढ़ लेती हैं। झरने अपने पूरे उफान पर होते हैं और चारों तरफ धुंध की रहस्यमयी चादर फैल जाती है।
अक्सर इस मौसम में लोग कुछ गिने-चुने लोकप्रिय ट्रेकिंग स्पॉट्स पर पहुंच जाते हैं, जिससे वहां भारी भीड़ हो जाती है। लेकिन अगर आप इस मानसूनी सीजन में शांति और सुकून के साथ ट्रैकिंग का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो ये 5 ऑफबीट (कम जाने-पहचाने) ट्रेकिंग रूट्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं:
1. कुद्रेमुख ट्रेक (कर्नाटक)
पश्चिमी घाट (Western Ghats) में स्थित कुद्रेमुख ट्रेक मानसून के दौरान ट्रेकर्स के लिए किसी स्वर्ग जैसा बन जाता है। कन्नड़ भाषा में 'कुद्रेमुख' का अर्थ होता है 'घोड़े का चेहरा', जो कि इस पहाड़ी की चोटी के आकार से प्रेरित है। इस ट्रेक का रास्ता घने जंगलों, कल-कल बहती नदियों और बादलों से ढकी चोटियों से होकर गुजरता है। बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका इतना हरा-भरा हो जाता है कि आपकी आंखें चौंधिया जाएं और पूरे रास्ते में अनगिनत मौसमी झरने आपका स्वागत करते हैं।
2. जुको घाटी ट्रेक (नागालैंड और मणिपुर सीमा)
पूर्वोत्तर भारत (North-East India) के सबसे खूबसूरत और छिपे हुए खजानों में से एक है जुको घाटी (Dzukou Valley)। नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर बसी यह घाटी मानसून आते ही जंगली फूलों की जीवंत रंग-बिरंगी दुनिया में बदल जाती है। चारों तरफ फैली हरी-भरी मखमली पहाड़ियां और उनके बीच से तैरते हुए बादल इस ट्रेक को हिमालय के भीड़भाड़ वाले रास्तों से बिल्कुल अलग और बेहद शांत बनाते हैं।
3. चेम्ब्रा पीक ट्रेक (केरल)
केरल के वायनाड जिले में स्थित चेम्ब्रा पीक अपने एक खास आकर्षण के लिए दुनिया भर में मशहूर है—यहाँ पहाड़ी के बीच में प्राकृतिक रूप से बना दिल के आकार का (Heart-shaped) तालाब है। मानसून के दौरान जब वायनाड के चाय के बागान और आसपास के जंगल बारिश से धुलकर गहरे हरे रंग में रंग जाते हैं, तब इस चोटी पर ट्रैकिंग करने का रोमांच और प्राकृतिक नजारे कई गुना बढ़ जाते हैं।
4. राजमाची किला ट्रेक (महाराष्ट्र)
लोनावला के पास स्थित राजमाची किला ट्रेक इतिहास और मानसूनी खूबसूरती का एक बेहतरीन मिश्रण है। सह्याद्रि की पहाड़ियों में बसा यह ट्रेक आपको घने जंगलों, मिट्टी के भीगे रास्तों, झरनों और छोटे-छोटे खूबसूरत गांवों से होकर ले जाता है। इस ट्रेक के अंत में आप जुड़वां किलों—'श्रीवर्धन' और 'मनरंजन' तक पहुंचते हैं, जहां से पूरी घाटी का नजारा देखने लायक होता है।
5. संदकफू ट्रेक (भारत-नेपाल सीमा)
पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा पर स्थित संदकफू, पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची चोटी है। हालांकि, गंभीर ट्रेकर्स के बीच यह नाम जाना-पहचाना है, लेकिन मुख्यधारा के हिमालयी ट्रेक्स की तुलना में यहां मानसून में बहुत कम भीड़ होती है। बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता धुंध से घिरे जंगलों, भीगे हुए पहाड़ी रास्तों और बादलों के लुका-छिपी के खेल के कारण एक काल्पनिक और जादुई दुनिया जैसा प्रतीत होता है।
ट्रेकर्स के लिए सलाह: मानसून के दौरान इन रास्तों पर ट्रेकिंग करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। अच्छे ग्रिप वाले वाटरप्रूफ ट्रेकिंग शूज, रेनकोट और जोंक (leeches) से बचाव की तैयारी साथ रखना न भूलें।