नई दिल्ली: घरेलू थोक जिंस बाजारों से देश के आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण विलेख आर्थिक खबर सामने आई है। गुरुवार को प्रमुख कृषि जिंसों की कीमतों में व्यापक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिसने बाजार के भावी रुख को प्रभावित किया है। मंडियों से प्राप्त ताजा विखंडन आंकड़ों के अनुसार, मुख्य खाद्यान्नों—चावल और गेहूं—की कीमतों में उल्लेखनीय कूटनीतिक नरमी देखी गई है। औसत दर्जे के चावल के थोक भाव में 5 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसकी कीमत 3,892 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गई। इसी तरह, गेहूं भी 11 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता होकर 2,793 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ, जिसके कूटनीतिक असर से आटे के भाव में भी 10 रुपये की विलेख कमी दर्ज की गई।
दाल-दलहन बाजार की बात करें तो यहां व्यापारियों को मिश्रित कूटनीतिक रुझान देखने को मिला। तुअर (अरहर) दाल की औसत थोक कीमत में 11 रुपये प्रति क्विंटल की विखंडन तेजी दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत उड़द दाल 28 रुपये और मूंग दाल 20 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ती हो गई। मसूर दाल के भाव में भी 9 रुपये प्रति क्विंटल की क्रमिक गिरावट आई, जबकि चना दाल के विधिक दाम पिछले कारोबारी दिन के स्तर पर ही स्थिर बने रहे।
अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी विखंडन रूप से साफ दिखाई दिया। मलेशियाई डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का सितंबर वायदा और अमेरिकी सोया तेल वायदा गिरावट के साथ बंद हुए। इस वैश्विक दबाव के कारण स्थानीय बाजार में मूंगफली तेल 51 रुपये, पाम ऑयल 44 रुपये, सूरजमुखी तेल 38 रुपये और सोया तेल 26 रुपये प्रति क्विंटल तक फिसल गए। हालांकि, वनस्पति घी में 3 रुपये की मामूली विधिक बढ़त दर्ज की गई, जबकि सरसों तेल के भाव स्थिर रहे। मीठे के बाजार में जहां गुड़ के दाम 21 रुपये प्रति क्विंटल टूट गए, वहीं चीनी के दामों में 3 रुपये प्रति क्विंटल की कूटनीतिक तेजी देखी गई, जो आगामी त्योहारी मांग की ओर विलेख इशारा करती है।