हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन (Hypertension) आज के समय में एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। जब किसी व्यक्ति को पहली बार बीपी (Blood Pressure) की दवा लिखी जाती है, तो उसके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है— 'क्या अब मुझे यह दवा जिंदगी भर खानी पड़ेगी?' इस आम उलझन को दूर करते हुए देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) ने स्थिति साफ की है। डॉक्टरों का कहना है कि यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके हाई बीपी की वजह क्या है और आप अपनी जीवनशैली को कितना बदलते हैं।
क्या हमेशा के लिए जरूरी है दवा?
किम्स हॉस्पिटल्स (KIMS Hospitals, ठाणे) के कंसलटेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विमलेश पांडे के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर अक्सर एक दीर्घकालिक (Long-term) समस्या होती है, जो उम्र, पारिवारिक इतिहास, वजन, खान-पान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता जैसे कई कारकों से प्रभावित होती है।
अनेक मामलों में, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए दवा का नियमित सेवन बेहद जरूरी होता है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि एक बार दवा शुरू होने के बाद इसे कभी बंद नहीं किया जा सकता।
लाइफस्टाइल में बदलाव से बदल सकती है स्थिति
डॉ. पांडे ने बताया कि अगर शुरुआत में ही हाइपरटेंशन की पहचान हो जाए और मरीज अपनी लाइफस्टाइल में सकारात्मक बदलाव करे, तो स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है। नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर बीपी को नियंत्रित किया जा सकता है:
- वजन कम करना: बढ़ते वजन को काबू में रखना।
- नमक की मात्रा कम करना: भोजन में सोडियम की मात्रा सीमित करना।
- नियमित व्यायाम: शारीरिक रूप से सक्रिय रहना।
- तनाव प्रबंधन: स्ट्रेस को कम करने के लिए योग या मेडिटेशन का सहारा लेना।
- बुरी आदतों से दूरी: शराब का सेवन सीमित करना और धूम्रपान पूरी तरह छोड़ना।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग इन बदलावों को कड़ाई से अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, उनका ब्लड प्रेशर दवा के बिना भी सामान्य रहने लगता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की निगरानी में दवा की खुराक (Dose) को कम किया जा सकता है या धीरे-धीरे इसे पूरी तरह बंद भी किया जा सकता है।
रीडिंग नॉर्मल आने पर खुद न बंद करें दवा
डॉक्टरों ने एक बहुत ही आम और खतरनाक गलती के प्रति आगाह किया है। अक्सर लोग घर पर बीपी नापते हैं और रीडिंग सामान्य आने पर खुद ही दवा खाना बंद कर देते हैं।
विशेषज्ञ की चेतावनी: ब्लड प्रेशर की रीडिंग इसलिए सामान्य आती है क्योंकि दवा अपना काम कर रही होती है। अचानक दवा बंद करने से बीपी अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे बिना किसी लक्षण के भी स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा पैदा हो जाता है। हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि कई बार गंभीर रूप से बीपी बढ़ने पर भी मरीज को कोई बाहरी लक्षण महसूस नहीं होते।
मरीजों के लिए मुख्य संदेश
डॉक्टरों की सलाह है कि मरीजों को इस बात की चिंता करने के बजाय कि दवा अस्थायी है या स्थायी, अपना पूरा ध्यान ब्लड प्रेशर को लंबे समय तक नियंत्रित रखने पर लगाना चाहिए। दवा को कम करने या बंद करने का फैसला केवल और केवल डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच (Regular Monitoring) के बाद ही लिया जाना चाहिए।