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संकट मोचन मंदिर में हनुमान जी ने तुलसीदास को दिया था दर्शन।

Posted On:Thursday, May 12, 2022

संकट मोचन मंदिर भगवान हनुमान के पवित्र मंदिरों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित है पुराणों में बताया गया है कि काशी के संकट मोचन मंदिर का इतिहास करीब 400 साल पुराना है। ऐसा माना जाता है कि इसी मंदिर में हनुमान जी ने राम भक्त गोस्वामी तुलसीदास को दर्शन दिया जिसके बाद बजरंगबली मिट्टी का स्वरूप धारण कर यही स्थापित हो गए थे। मंदिर की स्थापना तुलसीदास जी ने कराई थी। माना जाता है यहां आने वाले भक्तों के के सभी कष्ट हनुमान जी के दर्शन मात्र से ही दूर हो जाते हैं। लोक मान्यता है कि 600 साल पुराने इसी घने जंगल में तुलसीदास को तपस्या के दौरान हनुमान जी ने दर्शन दिया था। 



तुलसीदास जी ने यही हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की जो बाद में संकट मोचन के नाम से प्रसिद्ध हुआ इसका उल्लेख गोस्वामी तुलसीदास जी ने स्वरचित हनुमान अष्टक में किया है।
यहां हनुमान जयंती बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान एक विशेष शोभायात्रा निकाली जाती है। भगवान की मूर्ति की विशेषता यह भी है कि मूर्ति मिट्टी की बनी है। संकटमोचन महाराज की मूर्ति के हृदय के ठीक सामने श्री रामलला की मूर्ति विद्यमान है। ऐसा प्रतीत होता है कि संकटमोचन महाराज के हृदय में श्री राम सीता जी विराजमान है। मंदिर के प्रांगण में एक अति प्राचीन कुआं है जो संत तुलसीदास जी के समय का कहा जाता है। श्रद्धालु इस कुएं का शीतल जल ग्रहण करते हैं।

7 मार्च 2006 को वाराणसी में हुए आतंकवादी हमलों में से तीन में से एक विस्फोट मंदिर में हुआ था उस दौरान मंदिर में संकटमोचन महाराज की आरती हो रही थी। जिसमें भारी मात्रा में श्रद्धालु उपस्थित थे। विस्फोट के बाद वहां उपस्थित भीड़ ने बचाओ अभियान में एक दूसरे की मदद की। अगले दिन फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ महाराज के दर्शन के लिए आने लगी। श्रद्धालुओं ने बड़ी कामना से अपने भगवान संकटमोचन महाराज की पूजा फिर से प्रारंभ की। यहां भक्त दूर-दूर से अपने कष्टों को हरने की कामना लेकर आते हैं जो हनुमान जी महाराज के दर्शन मात्र से ही दूर हो जाते हैं।


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