आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में काम करने वाले प्रमुख स्टार्टअप 'एंथ्रोपिक' (Anthropic) ने सोमवार, 9 जून को सार्वजनिक रूप से अपने सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल Claude Fable 5 को रिलीज कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल 'मिथोस-लेवल' (Mythos-level) यानी बेहद असाधारण और जादुई क्षमताओं से लैस है।
करीब दो महीने पहले कंपनी ने खुद चेतावनी दी थी कि उसने एक ऐसा एआई मॉडल तैयार कर लिया है जो आम जनता के लिए जारी करने के लिहाज से "जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली" है। अब सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, एंथ्रोपिक ने इसे कड़े सुरक्षा घेरे (Guardrails) के साथ मार्केट में उतारा है।
क्या है 'Fable 5' और 'Mythos 5' का गणित?
एंथ्रोपिक ने इस तकनीक को दो अलग-अलग रूपों में पेश किया है:
- Claude Fable 5 (आम जनता के लिए): यह मॉडल सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया है। यह कोडिंग लिखने, सॉफ्टवेयर की गलतियां सुधारने और जटिल रिसर्च करने में माहिर है। हालांकि, इसमें हैकर्स और असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए भारी सेफ्टी फीचर्स लगाए गए हैं।
- Claude Mythos 5 (सीमित पार्टनर्स के लिए): यह बिना किसी सुरक्षा पाबंदी (Unrestricted) वाला सबसे एडवांस वर्जन है। इसे केवल चुनिंदा इंडस्ट्री पार्टनर्स, अमेरिकी सरकार और 'प्रोजेक्ट ग्लासविंग' (Project Glasswing - जो एआई के जरिए सॉफ्टवेयर की कमियों को ठीक करने का एक वैश्विक अभियान है) के सदस्यों को दिया जा रहा है।
क्यों डरी हुई थी दुनिया?
एंथ्रोपिक के इन शक्तिशाली मॉडल्स में बैंकों, पावर ग्रिडों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचों के सॉफ्टवेयर में छिपी कमियों को ढूंढने और उनका फायदा उठाने की क्षमता है। दुनिया भर की सरकारों को डर था कि अगर यह तकनीक गलत हाथों में गई, तो बड़े पैमाने पर साइबर हमले हो सकते हैं।
सुरक्षा के लिए पुरानी तकनीक का सहारा: 'फालबैक' सिस्टम
हैकर्स इस शक्तिशाली एआई का दुरुपयोग न कर सकें, इसके लिए एंथ्रोपिक ने एक अनोखा तरीका अपनाया है। जब भी कोई यूजर Claude Fable 5 से साइबर सुरक्षा (Cybersecurity), जीव विज्ञान (Biology) या रसायन विज्ञान (Chemistry) से जुड़े संवेदनशील या खतरनाक सवाल पूछेगा, तो यह मॉडल खुद जवाब नहीं देगा।
सुरक्षा घेरा एक्टिव होते ही यूजर की रिक्वेस्ट को चुपके से पिछले महीने लॉन्च हुए Claude Opus 4.8 मॉडल पर ट्रांसफर (Reroute) कर दिया जाएगा। ओपस 4.8 इन सुरक्षा जोखिमों से मुक्त है, इसलिए यह केवल सुरक्षित और सामान्य जवाब ही यूजर को देगा। मजे की बात यह है कि यूजर को पता भी नहीं चलेगा कि उसका मॉडल बैकग्राउंड में बदल गया है।
1,000 घंटे की टेस्टिंग और भारी कीमत
एंथ्रोपिक ने दावा किया है कि इस मॉडल को सुरक्षित बनाने के लिए बाहरी विशेषज्ञों ने 1,000 से अधिक घंटों तक 'रेड-टीमिंग' (Red-teaming) की—यानी नकली हैकर बनकर मॉडल को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा चक्र को पूरी तरह बायपास करने का कोई रास्ता नहीं मिला।
इतनी भारी क्षमता वाले मॉडल का इस्तेमाल करना आम यूज़र्स की जेब पर भारी पड़ने वाला है। Claude Fable 5 की कीमत पिछले मॉडल ओपस 4.8 से दोगुनी रखी गई है—इसके लिए $10 प्रति मिलियन इनपुट टोकन और $50 प्रति मिलियन आउटपुट टोकन चुकाने होंगे।
निष्कर्ष:
ओपनएआई (OpenAI) और गूगल (Google) जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने के लिए एंथ्रोपिक ने अपना सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। अब देखना यह होगा कि वास्तविक दुनिया में आने के बाद Claude Fable 5 के सुरक्षा घेरे टेक एक्सपर्ट्स और हैकर्स के सामने कितने मजबूत टिक पाते हैं।