बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में मंगलवार सुबह मौसम सुहाना रहा। हल्की बारिश के साथ आसमान में बादल छाए रहे। सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और नमी 89 फीसदी रही। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बीच गंगा का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर 69.34 मीटर दर्ज किया गया। पानी घटने के साथ घाटों से बाढ़ का पानी भी पीछे हटने लगा है और कई जगहों पर सिल्ट की मोटी परत नजर आने लगी है। हालांकि, शहर के ज्यादातर घाट अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। सोमवार को करीब 98 फीसदी घाट जलमग्न थे, जबकि दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर पानी कुछ कम हुआ। अब यहां जमा सिल्ट को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
दूसरी तरफ, गंगा का पानी घटने के बावजूद शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। चितईपुर, अवलेशपुर, कंदवा, सुसुवाही, शिवपुरवा, लोहता, विवेकानंदपुरम, गणेशपुरी और जयप्रकाश नगर में लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। चितईपुर की नीलकंठपुरम कॉलोनी में दो सप्ताह से ज्यादा समय से सैकड़ों घर पानी से घिरे हैं। कई जगह चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद है और जलभराव के कारण दर्जनों बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं।
कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी बनी हुई है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गलियों और घरों के आसपास लंबे समय से पानी जमा है, जिससे लोगों को संक्रमण और दूसरी बीमारियों का डर सता रहा है। वहीं वरुणा नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। सोमवार को करीब 1500 लोग अपने घर लौट गए, जबकि बाढ़ प्रभावितों के लिए बनाए गए 22 राहत शिविरों में से 11 खाली हो चुके हैं। हालांकि, जहां अभी पानी पूरी तरह नहीं उतरा है, वहां लोगों की परेशानी जारी है।