भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में बुधवार से अहम गतिविधियां शुरू हो रही हैं। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचेंगे और 20 अगस्त को नई दिल्ली में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। बैठक में रक्षा उपकरण, सैन्य तकनीक, ड्रोन, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मुंबई से शुरू होगी जापानी रक्षा मंत्री की यात्रा
रिपोर्टों के अनुसार, कोइजुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचकर भारतीय नौसेना के एक बेस का दौरा करेंगे। इसके बाद वह नई दिल्ली जाएंगे, जहां 20 अगस्त को राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय रक्षा वार्ता होगी।
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्टूबर 2025 में जापान के रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद यह कोइजुमी की पहली भारत यात्रा है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है
UNICORN सिस्टम पर खास नजर
बैठक के एजेंडे में सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक जापान का UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम हो सकता है। यह युद्धपोतों के लिए विकसित किया गया एक एडवांस कम्युनिकेशन और एंटीना सिस्टम है, जिसे जहाज की अलग-अलग एंटीनाओं को एकीकृत करने और उसकी रडार सिग्नेचर को कम करने में मददगार माना जाता है।
भारत और जापान ने इस क्षेत्र में सहयोग को पहले ही आगे बढ़ाया है। जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने UNICORN सिस्टम के ट्रांसफर को आगे बढ़ाने और रक्षा उपकरण एवं तकनीकी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर सहमति जताई है।
ड्रोन और समुद्री सुरक्षा भी एजेंडे में
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है। दोनों देश ड्रोन और अन्य रक्षा तकनीकों के संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के लिए विशेष महत्व रखती है। भारत हिंद महासागर में और जापान पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग, समुद्री निगरानी और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी जुलाई में हुई भारत-जापान रक्षा नीति वार्ता में रक्षा उपकरण और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था
F-2 लड़ाकू विमान पर भी हो सकती है चर्चा
जापान की ओर से F-2 लड़ाकू विमानों को भारत में संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए भेजने की योजना भी चर्चा में है। हालांकि इसे स्थायी तैनाती समझना सही नहीं होगा; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार F-2 की भारत में संभावित मौजूदगी अभ्यास और सैन्य सहयोग के संदर्भ में है।