पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने देश के खिलाफ चलाए जा रहे एक कथित अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्रोपेगैंडा नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने हाल ही में एक डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी वित्तीय समर्थन के आधार पर पाकिस्तान विरोधी अभियान संचालित कर रहा था। शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी को सीधे तौर पर अमेरिका से वित्तीय भुगतान (Funding) प्राप्त हो रहा था और वह सोशल मीडिया पर सुनियोजित तरीके से भ्रामक सामग्रियां प्रसारित कर रहा था।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क अत्याधुनिक 'बॉट फार्म्स' (Bot Farms) का इस्तेमाल कर पाकिस्तान सरकार, सशस्त्र बलों, सेना प्रमुख और अन्य संवैधानिक संस्थानों की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा था। वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस डिजिटल गतिविधि के जरिए फर्जी ट्रैफिक जनरेट किया जा रहा था और अमेरिका से जुड़े सर्वरों का इस्तेमाल कर इन भ्रामक पोस्ट्स को वायरल बनाया जा रहा था। मंत्री अताउल्लाह तरार ने स्पष्ट किया कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे किसी भी साइबर नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस्लामाबाद और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के दावे किए जा रहे थे। हालिया समय में उच्च स्तरीय सैन्य दौरों और रणनीतिक वार्ताओं के बीच पाकिस्तान सरकार द्वारा अमेरिकी फंडिंग से जुड़े साइबर दुष्प्रचार का मुद्दा उठाना वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले में सामने आने वाले फॉरेंसिक सबूतों का असर आने वाले दिनों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।