दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘रिम ऑफ द पैसिफिक’ (रिमपैक) 2026 में दक्षिण कोरिया ने अपनी समुद्री सैन्य क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दक्षिण कोरियाई नौसेना के 3,100 टन वजनी युद्धपोत ‘रोक्स डेजॉन’ ने तोपखाने की सटीक निशानेबाजी प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत का परिचय दिया। इस उपलब्धि के साथ दक्षिण कोरिया ने करीब डेढ़ दशक बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है।
रिमपैक अभ्यास के दौरान आयोजित इस प्रतियोगिता में कई देशों के आधुनिक युद्धपोतों ने हिस्सा लिया। मुकाबले में जहाजों की सटीक फायरिंग क्षमता, लक्ष्य भेदन की गति और परिचालन दक्षता का मूल्यांकन किया गया। इन सभी मानकों पर ‘डेजॉन’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक अंक अर्जित किए और विजेता बना। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता दक्षिण कोरियाई नौसेना के आधुनिक प्रशिक्षण, उन्नत हथियार प्रणाली और रणनीतिक तैयारी का परिणाम है।
इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे पहले दक्षिण कोरिया ने वर्ष 2010 में यह सम्मान जीता था। लंबे अंतराल के बाद मिली इस सफलता ने देश की नौसैनिक क्षमता को नई पहचान दिलाई है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन से भविष्य में अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग और संयुक्त समुद्री अभियानों में दक्षिण कोरिया की भूमिका और मजबूत होगी।
रिमपैक अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और संभावित वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की तैयारी करना है। इस वर्ष दक्षिण कोरिया ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए संयुक्त समुद्री बल की कमान संभालने वाला पहला एशियाई देश बनने का गौरव भी प्राप्त किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धियां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दक्षिण कोरिया की बढ़ती सामरिक भूमिका और वैश्विक सुरक्षा ढांचे में उसकी मजबूत होती भागीदारी को दर्शाती हैं।