केंद्र सरकार के दो प्रमुख दलित मंत्रियों—चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण के मुद्दे पर तनातनी बढ़ती जा रही है। हालात इतने सुलग चुके हैं कि दोनों नेता एक-दूसरे से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस सियासी रार के बीच, बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का आरक्षण व्यवस्था और EWS को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।
मिथिलेश तिवारी ने किया आरक्षण और EWS का समर्थन
हाजीपुर दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने खुलकर आरक्षण प्रणाली का समर्थन किया।
-
EWS आरक्षण की सराहना: उन्होंने कहा कि आरक्षण एक बेहतरीन व्यवस्था है और देश में पहली बार 10% EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण लागू किया गया है, जिससे दलित और सवर्ण दोनों वर्ग संतुष्ट हैं।
-
पारदर्शिता का संदेश: उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हवाला देते हुए कहा कि EWS आरक्षण का लाभ मंत्रियों या नेताओं के बच्चों को नहीं मिलना चाहिए, और यही बात ओबीसी आरक्षण पर भी लागू होती है।
-
नैतिकता पर जोर: मंत्री ने कहा कि यदि समाज के शीर्ष पर बैठे लोग कानून, संविधान और नैतिकता का ईमानदारी से पालन करने लगें, तो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का भला अपने आप होने लगेगा।
विवादों पर तीखी प्रतिक्रिया
इस बयानबाजी के बीच शिक्षा मंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पर भी तीखा निशाना साधते हुए उन्हें अपनी आंखों का इलाज करवाने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और कहा कि एनडीए सरकार में हर वर्ग का हित सुरक्षित है।