बनारस न्यूज डेस्क: काशी में मानसून के आखिरी दौर की तेज बारिश ने इस सीजन की बारिश का आंकड़ा लगभग सामान्य स्तर तक पहुंचा दिया है। 1 जून से 26 अगस्त तक 576.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 577.2 मिमी मानी जाती है। यानी अंतर सिर्फ 1 मिमी रह गया। बुधवार को ही वाराणसी में 24 घंटे के दौरान 157 मिमी बारिश हुई। गुरुवार सुबह हल्के बादल छाए रहे और तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने दोपहर बाद फिर बारिश होने की संभावना जताई है।
बारिश के बीच गंगा के जलस्तर में फिलहाल बढ़ोतरी थम गई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 67.90 मीटर रहा, जो चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से करीब 2.36 मीटर नीचे है। जलस्तर स्थिर रहने से तटवर्ती इलाकों में फिलहाल राहत है, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी रहने के कारण नदी पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस बार मानसून की शुरुआत में वाराणसी में बारिश सामान्य से कम थी, लेकिन सावन के अंतिम दिनों में हुई झमाझम बारिश ने इस कमी को तेजी से पूरा कर दिया। हालांकि, लगातार बारिश ने शहर की बदहाल सड़कों की परेशानी भी बढ़ा दी है। आरडीएसएस योजना के तहत भूमिगत बिजली केबल डालने के लिए करीब 30 जगहों पर सड़कें खोदी गई थीं। काम पूरा होने के बाद भी कई जगह मरम्मत नहीं हुई, जिससे बारिश का पानी गड्ढों में भर गया है और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।
सड़कों की मरम्मत को लेकर बिजली विभाग और नगर निगम के बीच भी मामला अटका हुआ है। नगरीय विद्युत वितरण खंड-पंचम के अधिशासी अभियंता बीबी राय ने नगर निगम के मुख्य अभियंता को चार बार पत्र भेजकर सड़कें ठीक कराने का अनुरोध किया है। बताया गया है कि इसके लिए नगर निगम को करीब 12 करोड़ रुपये भी दिए जा चुके हैं, फिर भी मरम्मत का काम लंबित है। बारिश के कारण कई जगह मिट्टी धंसने, कीचड़ और जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और रात में हादसे का खतरा भी बना हुआ है।