दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मैदान पर नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सरफराज खान के छोटे भाई मुशीर खान ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। नॉर्थ जोन द्वारा जीत के लिए रखे गए 287 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्ट जोन की टीम के लिए मुशीर खान ने दबाव भरी परिस्थिति में शानदार खेल दिखाया।
चौथी पारी में बल्लेबाजी करने आए मुशीर खान ने अपनी सूझबूझ और तकनीक का शानदार परिचय देते हुए 126 गेंदों पर 96 रनों की बेहद अहम पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान कई बेहतरीन शॉट लगाए और टीम को जीत के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, वह अपने शतक से सिर्फ 4 रन से चूक गए और 96 के निजी स्कोर पर आउट हो गए, लेकिन उनकी इस जुझारू पारी ने साबित कर दिया कि वह आने वाले समय के एक बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं।
मुशीर खान इससे पहले भी घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग के टूर्नामेंट्स में अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन से यह साफ जाहिर होता है कि वह तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज हैं और लंबी पारियां खेलने का हुनर अच्छी तरह जानते हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस तरह का दबाव झेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करना उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
इस मैच में नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर कड़ी टक्कर दी। मुशीर खान की यह शानदार पारी क्रिकेट प्रेमियों के बीच लंबे समय तक याद रखी जाएगी। भले ही वह अपने शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस पारी ने वेस्ट जोन की पारी को मजबूती दी और मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। भारतीय घरेलू क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों का इस तरह उभरकर सामने आना देश के क्रिकेट भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।